LATEST NEWS

  • बाढ को लेकर मुकेश सहनी ने केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा, कहा-पिछले 50 वर्षों से केवल योजनाएं बनाने की बातें की जा रही हैं
  • बाढ को लेकर मुकेश सहनी ने केन्द्र और राज्य सरकार को घेरा, कहा-पिछले 50 वर्षों से केवल योजनाएं

  • Bihar News : बेगूसराय में विक्षिप्त नाबालिग से युवक ने की दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • Bihar News : बेगूसराय में विक्षिप्त नाबालिग से युवक ने की दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी को पुलिस ने

  • Patna divisional commissioner paliganj sub division inspection
  • Patna Divisional Commissioner Inspection:मनरेगा भुगतान अटका देख कमिश्नर ने मौके पर ही अधिकारियों की लगाई क्लास

  • गंडक नदी में उफान: खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, वैशाली में प्रशासन अलर्ट
  • गंडक नदी में उफान: खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, वैशाली में प्रशासन अलर्ट

  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया, मैनेजर फरार
  • Bihar News : गोपालगंज पुलिस ने सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़, एक दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया,

Bihar News : नालंदा में शिवनंदन नगर को हटाने की नोटिस पर मचा हंगामा, भाकपा ने समाहरणालय पर किया जोरदार प्रदर्शन

Bihar News : नालंदा में शिवनंदन नगर को हटाने की नोटिस पर मचा

NALANDA : नई सरकार बने अभी महज एक सप्ताह ही हुआ है, लेकिन इसी बीच प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सरकार पर गरीबों के खिलाफ कदम उठाने के आरोप लगने लगे हैं। नालंदा जिले के रहूई प्रखंड स्थित सोनसा पंचायत के शिवनंदन नगर में दशकों से रह रहे सैकड़ों परिवार बेघर होने के संकट से जूझ रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने इन परिवारों को 26 नवंबर तक स्थल खाली करने का नोटिस जारी किया है, जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवनंदन नगर में रह रहे ये सभी परिवार लंबे समय से यहां बसे हुए हैं, लेकिन प्रशासन ने हालिया आदेश के बाद इन्हें अतिक्रमणकारी घोषित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के विरोध में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने जिला समाहरणालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्य सड़क मार्ग को भी कुछ समय के लिए जाम कर दिया।

Diarch GO

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकपा नेता शिवकुमार यादव ने आरोप लगाया कि रहूई प्रखंड के अंचलाधिकारी की मिलीभगत से दलित और महादलित परिवारों को उजाड़ने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भूमिहीनों को पाँच डिसमिल जमीन देने का वादा किया था, लेकिन आज तक किसी को भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई। जमीन दिए बिना ही बस्ती हटाने की कार्रवाई पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।

भाकपा ने मांग की कि राज्य सरकार योग्य श्रेणी की जमीन 20-20 परिवारों के समूह में उपलब्ध कराए और आवास, सड़क, पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करे। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी महादलित परिवार को यहां से नहीं हटाया जाए। साथ ही गरीबों को अतिक्रमण के नाम पर परेशान करना बंद करने की मांग भी उठाई।

NSIT
Nsmch

नालंदा से राज की रिपोर्ट