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सुधा डेयरी के दूषित पानी पर कमिश्नर का एक्शन, केमिकलयुक्त पानी बहाने पर जांच के आदेश

Bihar News: सुधा डेयरी से निकलने वाले कथित केमिकलयुक्त दूषित पानी को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ...

Muzaffarpur Sudha Dairy Wastewater Row Commissioner Orders A
दूषित पानी पर कमिश्नर का एक्शन- फोटो : reporter

Bihar News: मुजफ्फरपुर के कांटी में सुधा डेयरी से निकलने वाले कथित केमिकलयुक्त दूषित पानी को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। आरोप है कि डेयरी का अपशिष्ट पानी कई वर्षों से आसपास की करीब 40 एकड़ निजी जमीन में बह रहा है। इससे खेती प्रभावित होने के साथ स्थानीय लोगों की परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी सामने आई हैं। मामले को लेकर तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गिरिवर दयाल ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर कार्रवाई का खाका तैयार किया।

बैठक में कांटी विधायक अजीत कुमार, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव, उप विकास आयुक्त, सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक, NHAI, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, PHED और राजस्व विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।कमिश्नर ने साफ शब्दों में कहा कि पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनहित से जुड़े मामलों में किसी तरह की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मामले का त्वरित और विधिसम्मत समाधान निकालने का निर्देश दिया।

कमिश्नर ने कहा कि सुधा डेयरी का अपशिष्ट पानी लंबे समय से आसपास के निजी भूखंडों में जाने की शिकायत है। इससे कृषि भूमि प्रभावित होने के साथ पानी में मौजूद कथित आर्सेनिक, क्लोराइड और फॉस्फेट जैसे रासायनिक तत्वों के कारण स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर की आशंका जताई गई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए बैठक में दो बहु-सदस्यीय समितियों का गठन किया गया है। पहली समिति की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त करेंगे, जबकि दूसरी समिति की कमान अपर समाहर्ता को सौंपी गई है।

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति सुधा डेयरी से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता और ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यक्षमता की जांच करेगी। PHED के कार्यपालक अभियंता पानी के नमूने लेकर उसमें मौजूद रासायनिक तत्वों की मात्रा की जांच करेंगे।वहीं अपर समाहर्ता की अध्यक्षता वाली समिति अपशिष्ट जल की निकासी के लिए उपयुक्त जमीन की उपलब्धता का सर्वे करेगी और आगे की आवश्यक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करेगी।

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दोनों समितियों में सुधा डेयरी, तिमूल, NHAI, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, PHED, रेलवे समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। समितियों को कांटी विधायक से नियमित संवाद कर सुझाव लेने और सभी हितधारकों के साथ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।दोनों समितियों के अध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर तथ्यपरक और सारगर्भित रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। प्रशासन इन रिपोर्टों का अध्ययन करने के बाद समाधान की दिशा तय करेगा। लक्ष्य रखा गया है कि सुधा डेयरी के दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जरूरी संरचनाओं का निर्माण 15 सितंबर या नवरात्र पूजा से शुरू किया जा सके।अब जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है, क्योंकि यही रिपोर्ट तय करेगी कि दूषित पानी के ‘बहाव’ पर प्रशासन किस तरह की स्थायी कार्रवाई करता है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा