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गरीबनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, आधी रात से गूंज रहा हर-हर महादेव, इस बार सोमवारी-नाग पंचमी का बना है दुर्लभ संयोग

Bihar News: मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा शहर शिवमय नजर आया।

7 Lakh Kanwariyas Throng Garib Nath Temple on Sawan Somwari
गरीबनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब- फोटो : reporter

Bihar News: मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा शहर शिवमय नजर आया। रविवार देर रात से ही हजारों शिवभक्तों ने बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक शुरू कर दिया। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। इस बार कांवरियों की संख्या 7 लाख से अधिक पहुंचने की बात सामने आ रही है, जिससे प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

तीसरी सोमवारी पर इस बार नाग पंचमी का भी दुर्लभ संयोग बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे संयोग में भगवान शिव, माता पार्वती और नाग देवता की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि नाग देवता की आराधना से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। यही वजह है कि शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की कतारें लगी हुई हैं।

सावन के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि नाग देवता को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों में अनंत, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल, कर्कोटक, अश्व, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिय और तक्षक जैसे प्रमुख नागों का उल्लेख मिलता है।

नाग पंचमी केवल नाग पूजा का पर्व नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान, संरक्षण और संवर्धन का संदेश भी देती है। इस दिन नाग देवता के साथ गरुड़ की पूजा की परंपरा भी बताई गई है। उत्तरी भारत के कई क्षेत्रों में मनसा देवी की आराधना का विशेष महत्व है।वहीं, नाग पंचमी पर रुद्राभिषेक को भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शेषनाग पृथ्वी का भार अपने फन पर धारण करते हैं, इसलिए उनकी पूजा का विशेष महत्व है। बाबा गरीबनाथ में उमड़ी भीड़ के बीच हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

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रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा