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Bihar News : मुंगेर में मेहनत और श्रद्धा का दिखा अद्भुत संगम, ग्रामीणों ने बनाया अनोखा 'ज़िग-ज़ैग' छठ घाट, व्रतियों को मिलेगी सुविधा

Bihar News : मुंगेर में मेहनत और श्रद्धा का दिखा अद्भुत संगम

MUNGER : छठ पूजा के लिए बनाए गए घाटों में मुंगेर जिले का एक घाट अपनी मिसाल आप है। हम बात कर रहे हैं मुंगेर जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर, तारापुर अनुमंडल के छतहार गांव के पास बदुआ नदी के सूखे पेट में बनाए गए 'ज़िग-ज़ैग' घाट की। यहां के स्थानीय युवकों और ग्रामीणों ने मिलकर नदी के अंदर ही ज़िग-ज़ैग पैटर्न में करीब 125 क्यारीनुमा घाटों का निर्माण किया है। यह अनूठा प्रयास यह साबित करता है कि दृढ़ निश्चय और सामूहिक भावना से सीमित संसाधनों में भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

सामुदायिक प्रयास से संवारा गया घाट

दीपावली के तुरंत बाद से ही छतहार गांव के ग्रामीण और उत्साही युवक इस घाट को संवारने के काम में जुट जाते हैं। यह पूरा काम किसी सरकारी सहायता के बजाय सामूहिक प्रयास और श्रमदान से किया जाता है। सफाई अभियान से लेकर ज़िग-ज़ैग क्यारीनुमा घाटों के निर्माण तक का सारा काम स्थानीय लोगों द्वारा मिलकर किया जाता है। यह पहल न केवल एक खूबसूरत छठ घाट प्रदान करती है, बल्कि ग्रामीण एकता और सहयोग का भी प्रतीक है।

पानी के समान वितरण के लिए विशेष डिज़ाइन

इन ज़िग-ज़ैग घाटों की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिज़ाइन और जल प्रबंधन है। इन क्यारीनुमा घाटों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि हनुमाना डैम से आने वाला पानी सभी 125 घाटों तक बिल्कुल बराबरी से पहुंचता है। यह सुनिश्चित करता है कि हर छठव्रती को भगवान सूर्य को अर्घ्य देने में कोई परेशानी न हो। ज़िग-ज़ैग संरचना न केवल इसे एक खूबसूरत रूप देती है, बल्कि पानी के बहाव को भी संतुलित रखती है।

छठव्रतियों के लिए विशेष सुविधाएँ

स्थानीय युवाओं ने छठव्रतियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। छठ पूजा के दौरान महिला छठव्रतियों के लिए चेंजिंग रूम, लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं। युवाओं का कहना है कि वे इस घाट को दीपावली के बाद से ही बनाना शुरू कर देते हैं, क्योंकि यह ज़िग-ज़ैग घाट देखने में बहुत ही खूबसूरत लगता है और छठव्रती यहां बिना किसी परेशानी के बड़े आराम से छठ पूजा संपन्न कर पाती हैं। यह अनोखा घाट श्रद्धा, नवाचार और ग्रामीण एकजुटता का एक बेजोड़ उदाहरण प्रस्तुत करता है।

NSIT
Nsmch

मुंगेर से इम्तियाज़ की रिपोर्ट