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विभाग की 'सुस्ती', किसानों पर 'आफत': नहर की सफाई नहीं कराई और छोड़ दिया पानी, 40 बीघा फसल डूबी

मुंगेर के हवेली खड़गपुर में झील से छोड़ा गया पानी किसानों के लिए आफत बन गया। नहर की सफाई न होने से पानी खेतों और घरों में घुस गया, जिससे करीब 40 बीघा फसल बर्बाद हो गई है।

विभाग की 'सुस्ती', किसानों पर 'आफत': नहर की सफाई नहीं कराई औ

Munger - मुंगेर के हवेली खड़गपुर प्रखंड स्थित तेघड़ा गांव में जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रबी फसलों की सिंचाई (पटवन) के लिए खड़गपुर झील से नहर में पानी तो छोड़ा गया, लेकिन नहर की उचित सफाई न होने के कारण पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया। इसके परिणामस्वरूप नहर ओवरफ्लो हो गई और देखते ही देखते करीब 30 से 40 बीघा खेत जलमग्न हो गए। 

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, घरों में घुसा सैलाब


नहर से निकले पानी ने न केवल फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है, बल्कि कई ग्रामीणों के घरों में भी पानी प्रवेश कर गया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि नहर (बड़ा नाला) की सफाई लंबे समय से नहीं की गई है। जब भी झील से पानी छोड़ा जाता है, गंदगी और गाद की वजह से पानी किनारों से ऊपर बहने लगता है, जिससे हर साल उनकी मेहनत की कमाई बर्बाद हो जाती है। 

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रबी फसल के लिए मांगी गई थी जलापूर्ति

इस पूरे मामले पर जल संसाधन विभाग का तर्क है कि रबी सीजन को देखते हुए किसानों द्वारा सिंचाई के लिए पानी की मांग की गई थी, जिसके आधार पर झील से पानी रिलीज किया गया। विभाग ने स्वीकार किया कि पानी खेतों में फैलने की सूचना मिली है, हालांकि इसके कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। 

जांच के लिए भेजे गए जूनियर इंजीनियर

अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर जूनियर इंजीनियर (JE) को भेजने का निर्देश दिया है। इंजीनियर मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेंगे और यह पता लगाएंगे कि पानी के ओवरफ्लो होने की मुख्य वजह क्या थी। विभाग ने आश्वासन दिया है कि समस्या का जल्द ही तकनीकी समाधान निकाला जाएगा ताकि आगे नुकसान न हो। 

लापरवाही से किसान परेशान, मुआवजे की मांग

खेतों में लगी तैयार फसल के बर्बाद होने से तेघड़ा गांव के किसानों में विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश है। किसानों का कहना है कि विभाग की इस सुस्ती का खामियाजा उन्हें आर्थिक नुकसान के रूप में भुगतना पड़ रहा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर की अविलंब सफाई कराई जाए और बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए।

मो. इम्तियाज खान की रिपोर्ट