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मोतिहारी में हाई वोल्टेज ड्रामा: छत पर पेट्रोल लेकर चढ़ा कथित ग्रामीण डॉक्टर, दी आत्मदाह की धमकी

मोतिहारी के तुरकौलिया में अतिक्रमण हटाने गई टीम के छूटे पसीने! मुआवजे की मांग को लेकर मकान की छत पर पेट्रोल लेकर चढ़ा कथित ग्रामीण डॉक्टर, दी आत्मदाह की धमकी। प्रशासन ने कहा- सरकारी जमीन पर नहीं मिलता मुआवजा।

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छत पर पेट्रोल लेकर चढ़ा कथित ग्रामीण डॉक्टर, दी आत्मदाह की धमकी- फोटो : Reporter

मोतिहारी के तुरकौलिया चौक पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रशासन की टीम लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन से अवैध कब्जा हटाने पहुंची। इस कार्रवाई के दौरान खुद को ग्रामीण चिकित्सक बताने वाले डी आलम नाम के व्यक्ति ने हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। प्रशासन का विरोध करते हुए वह पेट्रोल की गैलन लेकर अपने मकान की छत पर चढ़ गया और खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की धमकी देने लगा। इस अप्रत्याशित कदम से मौके पर मौजूद अधिकारियों, पुलिस बल और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

मुआवजे की मांग पर अड़ा रहा कथित डॉक्टर

दरअसल, जिला प्रशासन की टीम पहले से तय कार्यक्रम के तहत इस सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने आई थी। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, डी आलम ने विरोध का मोर्चा खोल दिया। उसका आरोप था कि प्रशासन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के उसका मकान तोड़ रहा है। वह इस बात पर अड़ गया कि अगर उसका मकान गिराया जाता है, तो सरकार को उसे पहले उचित मुआवजा देना होगा।

पुलिस की मुस्तैदी और समझौते से शांत हुआ मामला

तनाव को बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने डी आलम को काफी देर तक समझाया-बुझाया और शांत करने का प्रयास किया। पुलिस की मुस्तैदी और सतर्कता के कारण कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। इस हंगामे को देखने के लिए वहां स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया और फिर अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

सरकारी जमीन पर मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं: सीओ

इस पूरे घटनाक्रम पर अंचलाधिकारी (CO) संतोष कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन न्यायालय और सरकारी आदेशों के तहत ही यह कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी भूमि पर किए गए किसी भी अवैध निर्माण के लिए मुआवजा देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। सीओ ने जोर देकर कहा कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर अपना काम जारी रखेगा और किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और सरकारी काम में सहयोग करने की अपील की।

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रिपोर्ट - हिमांशु कुमार