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Bihar News : मोतीहारी SP स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया SHO सम्प्पत कुमार को किया सस्पेंड, 35 लाख रूपये वसूली मामले में गिरी गाज

Bihar News : न्यूज़4नेशन की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। जहाँ मोतीहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया थानेदार सम्प्पत कुमार को निलंबित कर दिया है.....जानिए क्या है पूरा मामला

Bihar News : मोतीहारी SP स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया SHO सम्प
एसपी ने की बड़ी कार्रवाई - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : मोतीहारी में 'न्यूज़4नेशन' की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। जिले के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तुरकौलिया के थाना प्रभारी सम्प्पत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस महकमे की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे जिले के प्रशासनिक और पुलिस खेमे में हड़कंप मच गया है।

तथ्यों को मरोड़ने का आरोप

यह पूरी कार्रवाई ड्रग्स मामले से जुड़ी एक बड़ी राशि की बरामदगी से संबंधित है। तुरकौलिया थाना प्रभारी के संदिग्ध आचरण को देखते हुए एसपी ने इसे पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला माना और कड़ा रुख अख्तियार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात द्वारा एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इसके साथ ही, प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ को मामले की प्राथमिक जांच सौंपी गई थी। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया है कि विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में अग्रतर जांच अभी भी तेजी से जारी है। 

क्या है मामला

बताते चलें की पीड़ित के भाई द्वारा दिए गए आवेदन में एक डीएसपी, दो थानेदार और दो कथित दलालों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के अनुसार, 25 मई की रात चकिया टोल प्लाजा के पास कार को रोका गया था, लेकिन प्राथमिकी 28 मई को तुरकौलिया थाने में दर्ज की गई। शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि जब कथित गिरफ्तारी चकिया क्षेत्र में हुई तो मामला तुरकौलिया थाना कैसे पहुंचा और तीन दिन तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई।

35 लाख रूपये की अवैध वसूली

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान गांजा-चरस के मामले में फंसाने की धमकी देकर 35 लाख रुपये की अवैध वसूली की गई। आवेदन में कई दस्तावेज और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। वहीं यह भी दावा किया गया है कि जांच शुरू होने के बाद कथित तौर पर दलालों के माध्यम से रुपये वापस कराकर शिकायत वापस लेने संबंधी वीडियो बनवाया गया। फिलहाल एसआईटी और ईओयू सीसीटीवी फुटेज, टावर लोकेशन, केस डायरी तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं। हालांकि, रिश्वत और धमकी के आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। अब पूरे मामले पर सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि बरामदगी की कार्रवाई नियमानुसार हुई थी या इसके पीछे किसी बड़े खेल का पर्दाफाश होना बाकी है।

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हिमांशु की रिपोर्ट