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Bihar News: बिहार में बिजली विभाग की लापरवाही ! दम तोड़ती नजर आ रही ‘आंगनबाड़ी जगमग’ योजना, जानिए पूरा मामला

Bihar News: बिहार के मोतिहारी से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आंगबाड़ी जगमग योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।

आंगनबाड़ी
बिजली विभाग की लापरवाही!- फोटो : reporter

Bihar News:  बिहार के मोतिहारी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जानकारी अनुसार जिले के अरेराज प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों को रोशन करने की सरकारी योजना बिजली विभाग और एजेंसी की लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। हाल यह है कि योजना शुरू होने के डेढ़ साल बाद भी अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति अब तक सुचारू नहीं हो सकी है।

बिजली कनेक्शन अधूरा 

प्रखंड में कुल 177 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से आधे से अधिक केंद्रों पर बिजली कनेक्शन अधूरा पड़ा है। जानकारी अनुसार 88 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कहीं सिर्फ तार लटकाए गए हैं, तो कहीं एमसीवी नहीं लगाई गई। कई जगह एमसीवी और तार तो लगाए गए, लेकिन मीटर नहीं लगाए गए। 89 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तार, एमसीवी और मीटर तो लगा दिया गया, लेकिन अब तक कनेक्शन एक्टिवेट नहीं किया गया, जिससे बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।

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योजना का उद्देश्य

सीडीपीओ कार्यालय के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले नौनिहालों को बेहतर रोशनी और गर्मी से राहत देने के लिए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। इसी के तहत करीब एक वर्ष पूर्व सभी केंद्रों में बिजली कनेक्शन कराया गया, लेकिन आज तक किसी भी केंद्र में नियमित विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।

अधिकारी क्या कहते हैं

अरेराज परियोजना की महिला पर्यवेक्षिका कविता कुमारी ने बताया कि सेक्टर रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश केंद्रों पर कार्य अधूरा है। कहीं पोल से तार लटकाकर छोड़ दिया गया है, तो कहीं सिर्फ एमसीवी लगाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। वहीं सीडीपीओ रूपक रानी ने कहा कि बिजली विभाग से कई बार पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को 50 यूनिट तक बिजली उपयोग की अनुमति है, इससे अधिक खर्च सेविका को स्वयं वहन करना होगा।

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बिजली विभाग का जवाब

बिजली विभाग के जेई मोहम्मद अदनान अंसारी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली कनेक्शन लगाने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई थी। जल्द ही अधूरे कार्य को पूरा कर बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ किया जाएगा। बहरहाल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कागजों में पूरी हो चुकी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आंगनबाड़ी केंद्र आज भी अंधेरे में हैं और मासूम बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

 मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट