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Bihar Chicken Neck: चिकन नेक में रेलवे का बड़ा प्लान, संवेदनशील इलाके में बनेगा टनल, कटिहार रेल मंडल ने तैयार किया ब्लूप्रिंट, सुरक्षा के लिहाज से इस कारण है अहम

Bihar Chicken Neck:भारत के रणनीतिक नक्शे में बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘चिकन नेक’ यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

Railways Big Chicken Neck Plan Tunnel Blueprint Ready in Kat

Bihar Chicken Neck:भारत के रणनीतिक नक्शे में बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘चिकन नेक’ यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। नेपाल और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे तथा चीन के बेहद करीब स्थित यह इलाका देश के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। बिहार के सीमांचल और पश्चिम बंगाल के किशनगंज से सटे कई इलाके इस रणनीतिक कॉरिडोर से जुड़े हैं और इनमें से कुछ क्षेत्र कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत आते हैं।करीब 34 किलोमीटर चौड़े इस संकरे भू-भाग के जरिए देश के पूर्वोत्तर राज्यों का संपर्क शेष भारत से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि सुरक्षा के साथ-साथ यहां परिवहन और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना बेहद अहम माना जाता है।

कटिहार रेल मंडल की ओर से अब इस संवेदनशील इलाके में रेलवे टनल निर्माण की तैयारी की जा रही है। कटिहार रेल मंडल के डीआरएम ने बताया कि टनल निर्माण का ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है और जल्द ही इससे जुड़े इलाके में काम शुरू होने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।रेलवे का यह प्रस्ताव रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टनल बनने से रेल परिचालन को वैकल्पिक और अधिक सुरक्षित मार्ग मिल सकता है। हालांकि, परियोजना की विस्तृत तकनीकी संरचना, स्थान और निर्माण की समयसीमा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के मुख्य भू-भाग को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक रूप से संवेदनशील बनाती है। एक तरफ नेपाल और दूसरी ओर बांग्लादेश की सीमा होने के साथ चीन की निकटता भी इस क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत बढ़ाती है।यही वजह है कि इस इलाके में सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रहती हैं। समय-समय पर भारत विरोधी तत्वों की ओर से इस कॉरिडोर को लेकर धमकियां दिए जाने की खबरें भी सामने आती रही हैं।

ऐसे में संवेदनशील इलाके में रेलवे टनल का प्रस्ताव सिर्फ विकास की परियोजना नहीं, बल्कि रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी से सामान्य दिनों में यातायात सुगम होने के साथ आपात परिस्थितियों में भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।कटिहार रेल मंडल की इस पहल से यह संकेत साफ है कि ‘चिकन नेक’ जैसे संवेदनशील कॉरिडोर में विकास और सुरक्षा को साथ लेकर आगे बढ़ने की तैयारी है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि टनल परियोजना का निर्माण कब शुरू होता है और जमीन पर इसका स्वरूप कितना व्यापक होगा।

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रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह