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कटिहार में गंगा की बाढ़ में घिरा 9 करोड़ का रिवर फ्रंट, निर्माण पूरा होने से पहले ही कटाव का खतरा, बचाव पर उठे सवाल

Bihar News: नमामि गंगे परियोजना के तहत करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट निर्धारित समय सीमा गुजरने के बावजूद अब तक पूरा नहीं हो सका है।

कटिहार में गंगा की बाढ़ में घिरा 9 करोड़ का रिवर फ्रंट,  निर
गंगा की बाढ़ में घिरा 9 करोड़ का रिवर फ्रंट- फोटो : reporter

Bihar News: कटिहार के मनिहारी गंगा तट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट निर्धारित समय सीमा गुजरने के बावजूद अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने से निर्माणाधीन रिवर फ्रंट चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। कटाव का खतरा बढ़ने के बाद अब इसे बचाने के लिए अलग से एनसी बांध और फ्लड फाइटिंग का काम कराया जा रहा है।रिवर फ्रंट के निर्माण और उसके बचाव पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जिस जमीन को लंबे समय से गंगा की शिकस्त यानी कटाव प्रभावित भूमि माना जाता रहा है, वहां इतनी बड़ी परियोजना को मंजूरी देने से पहले स्थल का तकनीकी सर्वेक्षण और कटाव की स्थिति का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए था।

स्थानीय निवासी रंजीत गुप्ता ने कहा कि यदि शुरुआत में जमीन का सही सर्वे और तकनीकी जांच कर ली गई होती तो आज अतिरिक्त राशि खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। वहीं प्रीतम ओझा ने सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता और दूरदर्शिता की जरूरत बताते हुए कहा कि योजना स्वीकृत करने से पहले सभी पहलुओं का मूल्यांकन होना चाहिए था।लोगों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और कटाव प्रभावित जमीन पर रिवर फ्रंट निर्माण की स्वीकृति किस आधार पर दी गई, इसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

इधर, कटिहार के डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि रिवर फ्रंट का निर्माण विभाग की तकनीकी टीम के आकलन के आधार पर किया गया है। उन्होंने तकनीकी पहलू पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए बताया कि कटाव की स्थिति को देखते हुए BUDCO और जल संसाधन विभाग से बातचीत की गई थी। इसके बाद दोनों विभागों की ओर से फ्लड फाइटिंग का काम कराया गया है।डीएम के मुताबिक, बाढ़ का पानी उतरने के बाद यहां ठोस कार्य कराया जाएगा। फिलहाल सवाल यही है कि करीब 9 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी होने से पहले ही बाढ़ और कटाव के घेरे में क्यों आ गई और इसके बचाव के लिए अतिरिक्त सरकारी राशि कितनी खर्च होगी।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह