Bihar News : कैमूर में बड़ा हादसा, 5 टन वजनी तार गिरने से मजदूर की दर्दनाक मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने दिल्ली-कोलकाता हाईवे किया जाम

Bihar News : कैमूर में ALIMCO के क्षेत्रीय विपणन केंद्र निर्माण कार्य के दौरान 5 टन वजनी भारी-भरकम तार गिरने से एक 55 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई....पढ़िए आगे

Bihar News : कैमूर में बड़ा हादसा, 5 टन वजनी तार गिरने से मज
मजदुर की मौत - फोटो : DEVBRAT

KAIMUR : जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के भीट्टी के समीप सोमवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के क्षेत्रीय विपणन केंद्र निर्माण कार्य के दौरान 5 टन वजनी भारी-भरकम तार गिरने से एक 55 वर्षीय मजदूर की उसके नीचे दबकर मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान नाटी गांव निवासी स्वर्गीय हरीवंश रजक के पुत्र अशोक रजक के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 10:30 बजे उस समय हुआ जब अशोक रजक कंपनी के मुंशी राजू द्विवेदी के साथ मिलकर जेसीबी मशीन के सहारे भारी तार को उठाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक क्रेन या जेसीबी की पट्टी टूट गई और वह विशालकाय तार सीधे अशोक के ऊपर आ गिरा। तार का वजन इतना ज्यादा था कि अशोक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में बरती जा रही बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है।

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अशोक रजक अपने पूरे परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिनके कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। उनके अचानक चले जाने से हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह बिखर गया है। मृतक के पीछे उनकी पत्नी सीमा देवी, पांच बेटियां और एक इकलौता पुत्र सूरज कुमार हैं। जैसे ही मौत की खबर घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें सांत्वना देने के लिए गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंच रहे हैं। पूरे नाटी गांव में इस घटना के बाद चूल्हा तक नहीं जला है।

हादसे से गुस्साए मजदूरों और आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए शव के साथ दिल्ली टू कोलकाता नेशनल हाईवे को भीट्टी के पास पूरी तरह जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी मृतक के पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया कराने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग पर अड़े थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था NCCF ने यह काम इटेक्सन कंपनी को दिया था, जो सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाकर मजदूरों से काम करा रही थी।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार भारी पुलिस बल के साथ और मोहनिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को ढाढस बंधाया और उचित मुआवजे के साथ-साथ दोषियों पर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद करीब एक घंटे बाद हाईवे से जाम हटाया जा सका और यातायात बहाल हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया है और मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

देवब्रत की रिपोर्ट