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Bihar News: पुल के इंतजार में जिंदगी, 500 मीटर दूर NH-19, पहुंचने के लिए लगना पड़ता है 15 KM का चक्कर

Bihar News: कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड के दुधरा गांव में विकास की रफ्तार अब भी नदी के किनारे आकर ठहर गई है।

Bihar News: पुल के इंतजार में जिंदगी, 500 मीटर दूर NH-19, पह
पुल के इंतजार में जिंदगी- फोटो : reporter

Bihar News: कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड के दुधरा गांव में विकास की रफ्तार अब भी नदी के किनारे आकर ठहर गई है। गांव से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर NH-19 मौजूद है, लेकिन नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। बरसात में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ते ही ग्रामीणों की जिंदगी नाव के भरोसे हो जाती है।

दुधरा गांव के लोगों की सबसे बड़ी मुश्किल स्कूली बच्चों को लेकर है। रोजाना छात्र-छात्राएं नाव के सहारे नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं। नदी का पानी बढ़ने पर नाव का परिचालन भी बंद हो जाता है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है। अभिभावकों को हर वक्त बच्चों की सुरक्षा की फिक्र सताती रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए एक पुल का निर्माण लंबे अरसे से उनकी मांग है। ग्रामीण हरिओम सिंह के मुताबिक, दुधरा निवासी शिक्षक संकठा तिवारी इसी गांव में रहकर बच्चों को पढ़ाते थे। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि उन्होंने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को भी पढ़ाया था। पुल निर्माण को लेकर कई बार आश्वासन मिले, लेकिन जमीन पर अब तक कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ।

पुल के अभाव का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भी भारी परेशानी होती है। सड़क संपर्क की कमी के कारण कई बार किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सीधा सड़क संपर्क मिल जाए तो परिवहन लागत कम होगी और उनकी आमदनी में भी इजाफा हो सकता है।

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ग्रामीण पारसनाथ सिंह का कहना है कि दुधरा नदी पर पुल बन जाने से सिर्फ गांव के लोगों को राहत नहीं मिलेगी, बल्कि भभुआ और मोहनिया क्षेत्र के बीच सीधा संपर्क कायम होगा। इससे आसपास के कई गांवों के साथ-साथ करीब चार प्रखंडों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2020 में ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से पत्र के माध्यम से पुल निर्माण की अनुशंसा भी की गई थी। इसके बावजूद कई साल गुजर जाने के बाद भी पुल निर्माण की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

अब ग्रामीणों का सवाल सीधा है जब गांव से राष्ट्रीय राजमार्ग महज 500 मीटर दूर है तो वहां तक पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर का चक्कर क्यों? कब तक बच्चे नाव के सहारे स्कूल जाते रहेंगे और कब तक बरसात उनके रास्ते रोकती रहेगी?

दुधरा के ग्रामीण अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि दुधरा नदी पर पुल का वास्तविक निर्माण चाहते हैं। उनका कहना है कि पुल बनने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, खेती, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी बेहतर होगी।

रिपोर्ट- देव कुमार तिवारी