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Bihar News : कैमूर में अंधविश्वास की बलि चढ़ी महिला, सांप काटने के बाद अस्पताल के बदले ओझा के पास ले गए परिजन, इलाज में देरी से हुई मौत

Bihar News :कैमूर में फिर अंधविश्वास में आज एक महिला की जान चली गई. सांप काटने के बाद महिला को परिजन अस्पताल के बजाय ओझा के पास ले गए. जिससे उसकी मौत हो गयी....पढ़िए आगे

Bihar News : कैमूर में अंधविश्वास की बलि चढ़ी महिला, सांप का
सांप काटने से मौत - फोटो : DEVBRAT

KAIMUR : बिहार के कैमूर जिले से अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के कारण एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ भभुआ थाना क्षेत्र के मनिहारी गाँव में सर्पदंश की शिकार हुई एक महिला को समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन घंटों झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े रहे। अंधविश्वास के इस खेल में आखिरकार एक बेगुनाह महिला की जान चली गई। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर महिला को समय रहते अस्पताल लाया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

घटना के संबंध में बताया जाता है कि मनिहारी गाँव निवासी स्वर्गीय अनिल लोहार की पत्नी अनिता देवी (35 वर्ष) शाम को अपने घर में परिवार के लिए रोटी बना रही थी। इसी दौरान अचानक एक जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। सांप के काटते ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। लेकिन, आधुनिक चिकित्सा पर भरोसा करने के बजाय परिजन आनन-फानन में महिला को चैनपुर स्थित निमिया के 'सती माई धाम' लेकर चले गए। सती माई धाम में तांत्रिकों और ओझाओं द्वारा घंटों तक झाड़-फूंक का ड्रामा चलता रहा।

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झाड़-फूंक के दौरान जब शरीर में जहर पूरी तरह फैल गया और महिला की हालत मरणासन्न होने लगी, तब जाकर परिजनों की आंखें खुलीं। बदहवास हालत में परिजन उसे भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। मृतिका के पिता धनंजय लोहार ने रोते हुए बताया कि वे लोग उम्मीद में निमिया धाम ले गए थे, लेकिन जब वहाँ भी हालत बिगड़ने लगी तो अस्पताल भागे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत बता दिया।

इस घटना के बाद मृतिका के चार मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया हमेशा के लिए उठ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, दो साल पहले ही अनिता के पति की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद से वह अपने बच्चों के साथ मायके में ही रह रही थी। मां की मौत के बाद ये चारों बच्चे पूरी तरह अनाथ और बेसहारा हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीण मंगरु बिंद ने इस दुखद घड़ी में जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार बेहद गरीब है। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मिलने वाली ₹4 लाख की अनुग्रह राशि जल्द से जल्द देने की मांग की है ताकि इन अनाथ बच्चों का भरण-पोषण हो सके।

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देवब्रत की रिपोर्ट