BSEB 2026 : जहानाबाद के केशव ने मैट्रिक में किया कमाल, छोटे से गांव में रहकर बिना किसी सुविधा के हासिल की बड़ी सफलता

जहानाबाद के केशव की कहानी काफी प्रेरक हैं. उसने मैट्रिक परीक्षा में कमाल करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है.

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BSEB 2026 - फोटो : news4nation

BSEB 2026 : प्रतिभा किसी सुविधा और संसाधन की मोहताज नहीं है. इस लोक धारणा को साकार किया है बिहार बोर्ड की  मैट्रिक यानी 10वीं परीक्षा में जहानाबाद के उमता हाई स्कूल के छात्र केशव कुमार ने जो  471 लाकर लाखों छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं. दरअसल, बिहार बोर्ड ने रविवार को मैट्रिक यानी 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल करीब 15 लाख से ज्यादा छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से 12 लाख 35 हजार 743 छात्र सफल हुए हैं. यानी 81.79% छात्र पास हुए हैं. 


इसमें बहुत सारे ऐसे बच्चे रहे जिन्होंने न्यूनतम संसाधनों और सुविधाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शानदार सफलता पाई. जहां राज्य टॉपर के रूप में जमुई की सिमुलतला आवासीय विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की उच्च माध्यमिक विद्यालय चौड़ाही की छात्रा सबरीन परवीन ने 98.4% मार्क्स हासिल किया. वहीं बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना ने 489 नंबर के साथ राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया जबकि थर्ड टॉपर में बक्सर की अनूपा कुमारी और बेगूसराय के ओमकार कुमार रहे जिन्हें 488 नंबर मिले हैं.

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वहीं जहानाबाद के केशव की कहानी काफी प्रेरक हैं. एक साधारण किसान पृष्ठभूमि से आने वाले परिवार के किशोर का न तो घर ऐसा है जहां भौतिक संसाधनों की भरमार हो और ना ही आर्थिक समृद्धि है. स्कूली शिक्षा के बाद केवल सेल्फ स्टडी का सहारा और इस बीच परिवार के कामकाज में भी हाथ बंटाना केशव का दैनिक दिनचर्या रहा. इसके बाद भी केशव ने वह करिश्मा किया है जिसे प्राप्त करना हर छात्र का सपना रहता है. केशव को न सिर्फ 471 अंक मिले बल्कि उसने हिंदी में 97, संस्कृत में 82, गणित में 98, सोशल साइंस में 96 और विज्ञान में 98 अंक के साथ अंग्रेजी में 81 अंक हासिल किया. 


केशव के पिता रामविनय शर्मा और परिवार के अन्य लोग अपने घर के बच्चे की सफलता पर गौरवान्वित और हर्षित हैं. वे इसे पूरी तरह से केशव के पढाई के प्रति समर्पण और मेहनत का परिणाम मानते हैं. छोटे से गांव, सीमित संसाधन और विविध प्रकार के भौतिक सुखों से दूर रहने के बाद ही अपनी लगन का लोहा मनवाते हुए केशव ने सफलता का प्रेरनादायी आयाम स्थापित किया. 

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