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Bihar Inter Result : बिहार बोर्ड की इंटर परीक्षा में गोपालगंज की बेटी रितिका ने फहराया परचम, साइंस में बनी जिला टॉपर

Bihar Inter Result : बिहार बोर्ड की इंटर परीक्षा में गोपालगं

GOPALGANJ : “कहते हैं कि जब सपनों में जान हो, इरादों में उड़ान हो और मेहनत में ईमान हो, तो मंज़िल खुद रास्ता बनाकर सामने आ जाती है। बिहार के “बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजों ने इस बार एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर छात्र-छात्रा के लिए प्रेरणा बन चुकी है। गोपालगंज जिले के माझा प्रखंड के छोटे से गांव गौसिया की रहने वाली रितिका कुमारी ने साइंस स्ट्रीम में जिला टॉपर बनकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।”

“रितिका, महानंद मिश्रा की बेटी हैं। एक साधारण परिवार से आने वाली इस बेटी ने अपने असाधारण मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि सफलता किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।” “रिजल्ट आने से पहले ही रितिका को बिहार बोर्ड कार्यालय, पटना से कॉल आया। यह कॉल उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्हें वेरिफिकेशन के लिए पटना बुलाया गया - जहां पूरे बिहार के टॉपर्स एक साथ मौजूद थे।” “वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं थी। सबसे पहले उनका परिचय लिया गया। फिर शुरू हुआ सवाल-जवाब का सिलसिला।” अंग्रेजी के शिक्षक ने उनकी लेखन क्षमता जांचने के लिए कुछ लिखवाया। 

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हिंदी के शिक्षक ने व्याकरण और अभिव्यक्ति से जुड़े सवाल पूछे। वहीं बायोलॉजी के शिक्षक ने विषय की गहराई को परखने के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न किए।” हर सवाल का आत्मविश्वास के साथ जवाब देकर रितिका ने यह साबित कर दिया कि वह इस सफलता की पूरी हकदार हैं।” इस पूरी प्रक्रिया के बाद रितिका को अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा हो गया था और जब रिजल्ट आया, तो वह भरोसा हकीकत में बदल गया।” “घर में जश्न का माहौल था। माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे, दादा-दादी गर्व से मुस्कुरा रहे थे और पूरा गांव इस सफलता को अपनी जीत मान रहा था।” वही रितिक ने बताई की “मेरी सफलता का श्रेय मेरे माता-पिता, शिक्षकों और मेरी मेहनत को जाता है। अगर उनका सहयोग नहीं होता, तो शायद मैं यहां तक नहीं पहुंच पाती।” 

रितिका का सपना सिर्फ टॉपर बनना नहीं था। उनका असली सपना है  डॉक्टर बनना।” वह आगे मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती हैं, ताकि समाज के जरूरतमंद लोगों का इलाज कर सकें और उनकी जिंदगी में बदलाव ला सकें।” एक छोटे से गांव से निकलकर बड़ा सपना देखने वाली रितिका आज हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी हैं।” हमारी बेटी जहां तक पढ़ना चाहेगी, हम उसका पूरा साथ देंगे। उसका सपना डॉक्टर बनने का है, और हम उसके हर कदम पर उसके साथ हैं।” परिजनों के अनुसार, रितिका बचपन से ही पढ़ाई में होशियार और मेहनती रही हैं। उनका लक्ष्य हमेशा बड़ा रहा और आज उन्होंने अपने उस लक्ष्य की ओर पहला मजबूत कदम बढ़ा लिया है।” “रितिका की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों, मेहनत सच्ची हो और सपनों पर भरोसा हो… तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।” “गोपालगंज की यह बेटी आज बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई है।”

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नमो नारायण की रिपोर्ट