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SP ने जिस घूसखोर दारोगा को भेजा था जेल,छूटते ही निलंबन मुक्त,गोपालगंज DTO में दोबारा बहाल हुए हेमंत कुमार

बिहार के गोपालगंज में रिश्वत मामले में जेल जा चुके परिवहन विभाग के दारोगा हेमंत कुमार प्रसाद को रिहाई के बाद दोबारा उसी जिले में पोस्टिंग दे दी गई है। पढ़ें विभाग के इस फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल।

Gopalganj transport ESI  posted in same district after jail
रिश्वत लेने के आरोप में जेल जाने के बाद दोबारा गोपालगंज में बहाल किए गए ESI हेमंत कुमार (file pic)- फोटो : Reporter

बिहार के गोपालगंज जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में जेल जा चुके परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (दारोगा) हेमंत कुमार प्रसाद को रिहाई के बाद वापस उसी जिले में तैनात कर दिया गया है। गौरतलब है कि गोपालगंज के एसपी ने 31 मार्च 2026 को घूस लेने के आरोप में कार्रवाई करते हुए हेमंत कुमार को जेल भेजा था। अदालत से जमानत मिलने और हवालात से बाहर आने के ठीक बाद परिवहन विभाग ने न सिर्फ उनका निलंबन समाप्त किया, बल्कि उन्हें दोबारा उसी जिले में जिम्मेदारी सौंप दी, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

कुचायकोट थाने में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

इस पूरे विवाद की शुरुआत मार्च महीने के अंत में हुई थी। गोपालगंज के जिला पदाधिकारी (डीएम) द्वारा विभाग को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2026 को कुचायकोट थाने में हेमंत कुमार प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी संख्या-159/26 दर्ज की गई थी। इस मामले में उन पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7, 8, 12 और 13 के तहत मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया था।

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निलंबन की कार्रवाई और जमानत पर रिहाई

गिरफ्तारी की आधिकारिक रिपोर्ट मिलने के बाद परिवहन विभाग ने प्रशासनिक कदम उठाते हुए 10 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया था। इसके तहत प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार प्रसाद को उनकी गिरफ्तारी की तिथि से ही सेवा से निलंबित कर दिया गया था। लगभग डेढ़ महीने तक जेल में रहने के बाद, आरोपी दारोगा 14 मई 2026 को अदालत से जमानत पर रिहा हुए और जेल से बाहर आते ही अगले ही दिन यानी 15 मई को उन्होंने जिला परिवहन कार्यालय (DTO), गोपालगंज में अपना योगदान पत्र सौंप दिया।

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सरकारी नियमावली के तहत निलंबन मुक्त

परिवहन विभाग द्वारा 25 मई 2026 को जारी किए गए नए आदेश के तहत इस विवादास्पद बहाली को मंजूरी दी गई। विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(3)(1) का हवाला देते हुए हेमंत कुमार प्रसाद के 15 मई वाले योगदान को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए फिर से जिला परिवहन कार्यालय, गोपालगंज में ही पदस्थापित कर दिया गया है, जो अब पूरे राज्य में चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है।