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Anant Singh: मोकामा के छोटे सरकार को कोर्ट से राहत, वायरल वीडियो केस में अनंत सिंह-गुंजन सिंह की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार

Anant Singh: गोपालगंज के वायरल वीडियो कांड में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह को बड़ी राहत मिली है।...

Anant Singh Gunjan Singh
मोकामा के छोटे सरकार को कोर्ट से राहत- फोटो : reporter

Anant Singh: गोपालगंज के चर्चित सेमराव वायरल वीडियो कांड में सियासत, शोहरत और कानून के बीच चल रही जंग में फिलहाल मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगली सुनवाई तक जारी रखते हुए मामले को 8 जून के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। इस फैसले के बाद पूरे मामले पर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

दरअसल, बीते 2 मई को मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल फुटेज में कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन और अश्लील भोजपुरी गीतों पर कार्यक्रम होने का दावा किया गया था। वीडियो सामने आते ही मामला तूल पकड़ गया और मीरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। बढ़ते विवाद और संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी बाद में सीआईडी को सौंप दी गई।

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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी थी, लेकिन रिपोर्ट दाखिल नहीं हो सकी। इसी बिंदु को आधार बनाकर बचाव पक्ष ने अदालत में जोरदार पैरवी की। बचाव पक्ष का कहना था कि अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है जो आरोपियों की प्रत्यक्ष भूमिका या संलिप्तता को साबित कर सके।

वकीलों ने यह भी दलील दी कि केस में लगाई गई कई धाराएं जमानती प्रकृति की हैं। वहीं आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए गए क्योंकि जांच एजेंसियों द्वारा अब तक कोई हथियार बरामद नहीं किया गया है। ऐसे में गिरफ्तारी की जरूरत और आरोपों की गंभीरता पर भी बहस छिड़ गई।

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कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही गुड्डू राय समेत अन्य याचिकाकर्ताओं को भी राहत मिली है। अब 8 जून की सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां एफएसएल रिपोर्ट, सीआईडी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल सेमराव वीडियो कांड का यह सस्पेंस बरकरार है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा