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Bihar News : गयाजी में पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग से जुड़े मामले में महिला समेत 3 दोषियों को 20-20 साल की हुई जेल, 50-50 हजार लगाया जुर्माना

Bihar News :विशेष पॉक्सो न्यायालय, ADJ-07 गया ने तीन आरोपित अभियुक्तों को 20-20 वर्ष के कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.......पढ़िए आगे

Bihar News : गयाजी में पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग स
पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला- फोटो : MANOJ

GAYAJI : बिहार के गया जिले में नाबालिग से जुड़े पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के एक गंभीर मामले में गया पुलिस द्वारा समय पर समर्पित की गई चार्जशीट और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी व साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायालय (ADJ-07, गया) ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपित अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। अदालत ने तीनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

यह मामला गया जिले के परैया थाना कांड संख्या 176/18 (दिनांक 29 अक्टूबर 2018) से संबंधित है। घटना के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने भारतीय दंड विधान की धारा 376 (दुष्कर्म), 370 (मानव तस्करी), 367, 368 और 201 (साक्ष्य छिपाना) सहित पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने सभी आवश्यक डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर अदालत के समक्ष मजबूत चार्जशीट दाखिल की थी।

विशेष पॉक्सो न्यायालय, ADJ-07 गया के न्यायाधीश देव प्रिय कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रस्तुत साक्ष्यों व गवाहों के बयानों को अत्यंत गंभीर माना। न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा का ऐलान किया। दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में नोमनती देवी (पति रामरतन प्रजापति, निवासी महादेवपुर, थाना परैया), महेंद्र दास (पिता स्वर्गीय सरोगी दास, निवासी सलमपुर, थाना परैया) और मुहरूशकन यादव उर्फ करमन कुमार (साकिन करमा, थाना कोच, गया) शामिल हैं।

न्यायालय द्वारा सुनाए गए इस फैसले के बाद गया पुलिस ने इसे पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण सफलता बताया है। गया पुलिस का कहना है कि पॉक्सो और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर अपराधों में पुलिस त्वरित जांच, समयबद्ध चार्जशीट और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस फैसले से समाज में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच कानून का कड़ा संदेश गया है।

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मनोज की रिपोर्ट