Bihar News : गयाजी पुलिस ने 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी टिंकू सिंह को किया गिरफ्तार, फायरिंग सहित कई मामलों में थी पुलिस को तलाश

Bihar News : गया जिला के टॉप 10 में शुमार कुख्यात अपराधी टिंकू सिंह को मुफस्सिल थाना की पुलिस ने परैया थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसपर 50 हज़ार रूपये का इनाम रखा था.....पढ़िए आगे

Bihar News : गयाजी पुलिस ने 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी
50 हज़ार के इनामी अपराधी गिरफ्तार - फोटो : PREM

GAYAJI : बिहार के गया जिले की पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिला स्तर के 'टॉप 10' अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात बदमाश टिंकू सिंह को धर दबोचा है। मुफस्सिल थाना की पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर परैया थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर इस शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया। जिला पुलिस ने टिंकू सिंह की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित कर रखा था, जो लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।

पुलिस द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई बीते दिनों शहर में हुई एक अंधाधुंध फायरिंग की घटना के सिलसिले में हुई है। टिंकू सिंह पर आरोप है कि उसने पिछले महीने 11 मई को न्यू अबगिला पहाड़तल्ली क्षेत्र स्थित एक मदरसा के पास सरेआम फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी थी।

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वारदात वाले दिन सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी, लेकिन टिंकू सिंह और उसके साथी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे थे। इस घटना के बाद से ही पुलिस की विशेष टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थीं। आखिरकार पुलिस के खुफिया तंत्र की मदद से उसे परैया से दबोच लिया गया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार अपराधी टिंकू सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह कई गंभीर मामलों में संलिप्त रहा है। वह कुछ महीने पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था और जेल से निकलते ही उसने दोबारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना शुरू कर दिया। फिलहाल, मुफस्सिल थाना पुलिस टिंकू सिंह को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है ताकि फायरिंग की घटना में शामिल अन्य अपराधियों और उसके मददगारों का सुराग लगाया जा सके। पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मान रही है, जिससे जिले में आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।

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प्रेमशंकर की रिपोर्ट