Bihar Politics : कांग्रेस का केंद्र पर हमला: कहा 'एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती उपभोक्ताओं के लिए नहीं, तेल कंपनियों को फायदा पहुँचाने का खेल'

Bihar Politics : पेट्रोल डीजल के एक्साईज ड्यूटी में 10 रूपये की कटौती को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला किया है. कहा की यह कटौती उपभोक्ताओं के लिए नहीं है.......पढ़िए आगे

Bihar Politics : कांग्रेस का केंद्र पर हमला: कहा 'एक्साइज ड्
कटौती उपभोक्ताओं के लिए नहीं- फोटो : SOCIAL MEDIA

GAYAJI : बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में की गई 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती को जनता के साथ छलावा करार दिया है। प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली और जिला उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह सहित अन्य नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि इस कटौती का लाभ आम उपभोक्ताओं को नहीं, बल्कि तेल कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए दिया गया है।

कांग्रेसी नेताओं ने आंकड़ों का हवाला देते हुए मोदी सरकार की तुलना पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार से की। उन्होंने कहा कि साल 2014 में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल थी, तब देश में पेट्रोल 70 रुपये और डीजल 62 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं, आज लगभग उतनी ही कीमत (109 डॉलर प्रति बैरल) होने के बावजूद पेट्रोल 106 रुपये और डीजल 92 रुपये प्रति लीटर के पार है। नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में कच्चे तेल की कीमतें कम रहने के बावजूद सरकार ने देशवासियों की जेब से लाखों करोड़ रुपये लूटे हैं।

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नेताओं ने केंद्रीय वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि जनता पर बोझ कम किया गया है, जबकि असलियत इसके उलट है। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की यह कमी केवल तेल कंपनियों को वित्तीय घाटे से बचाने का एक जरिया है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम कम होने का वास्तविक लाभ कभी भी सीधे तौर पर आम जनता के पास नहीं पहुँचाया गया।

केंद्र की ऊर्जा नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि आज की स्थिति "हमारी ही खाल उतारकर, उसकी जूती बनाकर हमें ही पहनाने" जैसी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार जनता पर अहसान जताने की कोशिश कर रही है, जबकि महंगाई से आम आदमी की कमर टूट चुकी है। नेताओं ने सरकार की इस कार्रवाई को एक "खोखली ऊर्जा नीति" और केवल कागजी "मास्टर स्ट्रोक" करार दिया है, जिसका धरातल पर उपभोक्ताओं को कोई विशेष लाभ मिलता नहीं दिख रहा।

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इस बयानबाजी में राम प्रमोद सिंह, प्रद्युम्न दुबे, दामोदर गोस्वामी और टिंकू गिरी सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने मांग की कि अगर सरकार वास्तव में जनता को राहत देना चाहती है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों को 2014 के स्तर पर वापस लाना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि तेल की कीमतों में वास्तविक और प्रभावी कमी नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे।