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Bihar News : गयाजी के 9 वर्षीय रामकृष्ण ने सात भाषाओं में गायकी से बनाई देशभर में पहचान, जुड़वां बहनें भी दे रही हैं साथ

Bihar News : गयाजी की पावन धरती के 9 वर्षीय नन्हे संगीत साधक रामकृष्ण ने अपनी सुरीली आवाज और अद्वितीय प्रतिभा के बल पर देशभर में खास पहचान बनाई है।

Bihar News : गयाजी के 9 वर्षीय रामकृष्ण ने सात भाषाओं में गा
रामकृष्ण ने बनायीं पहचान - फोटो : MANOJ

GAYAJI : गयाजी की पावन धरती के 9 वर्षीय नन्हे संगीत साधक रामकृष्ण ने अपनी सुरीली आवाज और अद्वितीय प्रतिभा के बल पर देशभर में खास पहचान बनाई है। महज ढाई साल की उम्र से संगीत से जुड़े रामकृष्ण शास्त्रीय संगीत से लेकर सुगम संगीत तक में सिद्धहस्त हैं और हिंदी, गुजराती, मराठी, बांग्ला, हरियाणवी, पंजाबी तथा राजस्थानी सहित कुल सात भाषाओं में गाते हैं। बनारस घराने से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ले रहे रामकृष्ण 5 साल की उम्र से बड़े मंचों पर प्रस्तुति दे रहे हैं। 

रामकृष्ण की असाधारण प्रतिभा के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उन्हें दो बार सम्मानित कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्हें यूपी गौरव अलंकरण, बिहार प्रतिभा सम्मान, सनातन शक्ति सम्मान तथा काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव 2025 में उपशास्त्रीय संगीत के लिए विशेष सम्मान प्राप्त हो चुका है। सामाजिक जागरूकता, देशभक्ति और पर्यावरण पर स्वरचित गीत गाने वाले रामकृष्ण की उपलब्धियों को देखते हुए परिवार के अनुसार उनका नाम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए भी अनुशंसित किया गया है। 

इस संगीतमय सफर में रामकृष्ण की 6 वर्षीय जुड़वां बहनें—राधा कृष्ण और राधे कृष्ण भी उनका बखूबी साथ दे रही हैं। दोनों बहनें इतनी कम उम्र में संगीत के साथ विभिन्न वाद्य यंत्रों की शिक्षा ले रही हैं। भाई द्वारा गाए जाने वाले गीतों को सीखकर जब तीनों भाई-बहन एक साथ सुर और साज छेड़ते हैं, तो पूरी महफिल संगीतमय हो उठती है और एक पूर्ण संगीत मंडली का अहसास कराती है। 

इन तीनों बाल कलाकारों का सपना संगीत के माध्यम से गया, बिहार और पूरे भारत का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन करना है। माता-पिता को भी पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में ये तीनों बच्चे भारतीय शास्त्रीय व सुगम संगीत के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेंगे। 

NSIT
Nsmch

मनोज की रिपोर्ट