LATEST NEWS

  • Bihar News : अलीनगर से बीजेपी विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हुई शामिल
  • Bihar News : अलीनगर से बीजेपी विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, युवा मोर्चा की

  • Vijyadashmi 2026 : मोहनिया में विजयादशमी पर धू-धूकर जले रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले, लगातार 11वें साल भी जारी रही परंपरा, उमड़ी भारी भीड़
  • Vijyadashmi 2026 : मोहनिया में विजयादशमी पर धू-धूकर जले रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले, लगातार 11वें साल

  • MLC Election : नीतीश कुमार को MLC चुनाव से कोई मतलब नहीं...अनंत सिंह ने किया खुलासा, कहा-न वो मेरी तरफ...न नीरज की तरफ
  • MLC Election : नीतीश कुमार को MLC चुनाव से कोई मतलब नहीं...अनंत सिंह ने किया खुलासा, कहा-न वो

  • हाजीपुर में 65 फीट ऊंचे रावण का भव्य दहन: अक्षयवट राय स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब, 'जय श्री राम' के जयकारों से गूंज उठा शहर
  • हाजीपुर में 65 फीट ऊंचे रावण का भव्य दहन: अक्षयवट राय स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब, 'जय श्री राम'

  • मेदांता में भर्ती जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार से मिलने पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, जाना स्वास्थ्य का हालचाल
  • मेदांता में भर्ती जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार से मिलने पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी, जाना स्वास्थ्य का हालचाल

सारण मनरेगा घोटाला: DDC की जांच में खुली पोल, मुखिया समेत 7 पर FIR, संविदा कर्मियों की सेवा होगी समाप्त

सारण (छपरा) के मांझी प्रखंड की लेजुअर पंचायत में मनरेगा योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर DDC लक्ष्मण तिवारी ने बड़ा एक्शन लिया है। मुखिया, जेई और रोजगार सेवक समेत 7 लोगों पर FIR दर्ज की गई है।

Saran MGNREGA Scam FIR against Mukhiya in Chhapra
DDC की जांच में खुली पोल, मुखिया समेत 7 पर FIR- फोटो : Reporter

सारण जिले में मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर चल रही अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। मांझी प्रखंड की लेजुअर ग्राम पंचायत में जिला उपविकास आयुक्त (DDC) लक्ष्मण तिवारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में वित्तीय हेराफेरी और निर्माण में भारी लापरवाही का खुलासा हुआ है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक साथ कई स्तरों पर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पांच विकास योजनाओं का हुआ औचक निरीक्षण

विभागीय निर्देशों के आलोक में डीडीसी लक्ष्मण तिवारी ने बुधवार को लेजुअर पंचायत का औचक दौरा किया, जहां मनरेगा के तहत संचालित पांच अलग-अलग विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी गई। इस जांच टीम ने पईन की उड़ाही (सफाई व खुदाई) तथा निजी स्तर पर किए जा रहे वृक्षारोपण से जुड़े कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। मौके पर चल रहे कार्यों का मिलान जब सरकारी अभिलेखों और फाइलों में दर्ज आंकड़ों से किया गया, तो प्रशासन के सामने धांधली की परतें खुलती चली गईं।

तीन योजनाओं में मिली गंभीर वित्तीय अनियमितता

प्रशासनिक जांच में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पंचायत समिति सदस्य के माध्यम से कराई जा रही पईन उड़ाही की तीन योजनाओं में भारी गड़बड़ी पाई गई। धरातल पर किए गए कार्य की वास्तविक स्थिति और सरकारी फाइलों में किए गए दावों में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिला। कागजों पर खर्च दिखाई गई राशि और मौके पर हुए काम का मेल न होने से यह साफ हो गया कि सरकारी धन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और गबन किया गया है।

वृक्षारोपण में घटिया और निम्न सामग्री का उपयोग

जल-जीवन-हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी निजी वृक्षारोपण की दो योजनाओं में भी भारी लापरवाही उजागर हुई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पौधों की सुरक्षा और रखरखाव के लिए तय मानकों की अनदेखी की गई और बेहद घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस धांधली ने न सिर्फ योजनाओं की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए, बल्कि सरकारी बजट की बंदरबांट को भी पूरी तरह उजागर कर दिया।

NSIT
Nsmch


मुखिया और इंजीनियर समेत 7 आरोपियों पर केस दर्ज

इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद दाउदपुर थाने में सात नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। कानून के शिकंजे में आने वालों में लेजुअर पंचायत की मुखिया माधुरी देवी, पंचायत समिति सदस्य बबीता देवी, मांझी के कनीय अभियंता (JE), पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक और मेट शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ सरकारी राशि के गबन और धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

संविदा कर्मियों की बर्खास्तगी तय, अन्य पंचायतों में हड़कंप

कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ डीडीसी ने दोषी पाए गए संविदा कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय एक्शन लिया है। कनीय अभियंता, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक और मेट को संविदा सेवा से तुरंत मुक्त करने की बर्खास्तगी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता से समझौता करने वाले किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कड़े कदम के बाद से जिले भर के मनरेगा महकमे और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।

रिपोर्ट - धर्मेन्द्र रस्तोगी