बक्सर को होम-स्टे योजना से बाहर रखने पर भड़की विश्वामित्र सेना, राजकुमार चौबे ने कहा - सनातन विरासत के साथ अन्याय

विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने बिहार सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर बक्सर के साथ यह अन्याय कब तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस भूमि से रामायण का गौरवशाली इतिहास जुड़ा हो

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Vishwamitra Sena - फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार सरकार द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा देशी-विदेशी पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति एवं पारिवारिक परिवेश का अनुभव कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही होम-स्टे योजना का विश्वामित्र सेना ने स्वागत किया है। संगठन का मानना है कि यह योजना पर्यटन, स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। 


हालांकि, विश्वामित्र सेना ने इस योजना के अंतर्गत बिहार के 16 जिलों के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में बक्सर को शामिल नहीं किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन का कहना है कि सनातन संस्कृति की तपोभूमि, महर्षि विश्वामित्र की कर्मभूमि तथा भगवान श्रीराम के चरणों से पावन बक्सर की उपेक्षा न केवल ऐतिहासिक भूल है, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का भी अपमान है।

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विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने बिहार सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर बक्सर के साथ यह अन्याय कब तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस भूमि से रामायण का गौरवशाली इतिहास जुड़ा हो, जहाँ महर्षि विश्वामित्र का आश्रम रहा हो, जहाँ भगवान श्रीराम ने ताड़का वध कर धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया हो, उस पवित्र धरा को पर्यटन विकास की इतनी महत्वपूर्ण योजना से बाहर रखना समझ से परे है।


चौबे ने कहा कि विश्वामित्र सेना वर्षों से बक्सर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। बक्सर केवल एक जिला नहीं, बल्कि सनातन सभ्यता, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत केंद्र है। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की उपेक्षा बिहार के सांस्कृतिक इतिहास के साथ अन्याय है।

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विश्वामित्र सेना ने बिहार सरकार से मांग की है कि होम-स्टे योजना की सूची में तत्काल प्रभाव से बक्सर को शामिल किया जाए तथा इसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। संगठन का कहना है कि यदि सरकार ने शीघ्र इस गंभीर चूक को नहीं सुधारा, तो विश्वामित्र सेना पूरे बिहार में लोकतांत्रिक एवं व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी