Bihar Politics: बक्सर से एनडीए का चुनावी बिगुल, राजपुर सीट पर संतोष निराला उम्मीदवार घोषित, नीतीश ने 325 करोड़ की योजनाओं का किया शिलान्यास

Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में एनडीए ने राजपुर विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री संतोष निराला को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया। ...

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राजपुर सीट पर संतोष निराला उम्मीदवार घोषित- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी अब और तेज हो गई है। शनिवार को बक्सर जिले की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में एनडीए ने राजपुर विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री संतोष निराला को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया। यह बिहार की पहली सीट है, जहां किसी गठबंधन ने औपचारिक रूप से अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा है।

राजपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि यह चुनाव विकास और भ्रम के बीच है। निराला जी का अनुभव और जनता से गहरा जुड़ाव क्षेत्र के लिए नई दिशा तय करेगा। विपक्ष सिर्फ झूठ और अफवाह की राजनीति करता है, जबकि एनडीए ने जो वादा किया, उसे पूरा कर दिखाया है।सीएम ने जनता से अपील की कि वे संतोष निराला को भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि विकास का सिलसिला आगे बढ़ता रहे।

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जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने बक्सर और भोजपुर प्रमंडल को 325 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से 5 बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें गोलंबर से ज्योति चौक होते हुए बस स्टैंड तक सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण,भोजपुर-सिमरी पथ का 9.30 किमी तक चौड़ीकरण,बड़ी मस्जिद से सेंट्रल जेल तक सड़क चौड़ीकरण,बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध का 51.72 किमी तक सुदृढ़ीकरण शामिल हैं।

भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां संगीत कॉलेज की स्थापना जिसे सीएम ने सांस्कृतिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।नीतीश ने कहा कि यह कॉलेज राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होगा और उस्ताद बिस्मिल्ला खां की धरोहर को नई पहचान देगा।राजपुर की सभा में हजारों की भीड़ उमड़ी। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ एनडीए के कई बड़े नेता, स्थानीय विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। समर्थकों के नारों और तालियों से मैदान गूंज उठा।

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राजपुर से संतोष निराला की उम्मीदवारी की घोषणा ने न सिर्फ बक्सर, बल्कि पूरे प्रदेश में चुनावी हलचल तेज कर दी है। एनडीए इसे अपने “संगठित और विकासोन्मुख चेहरा” बताकर पेश कर रहा है, जबकि नीतीश कुमार ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले चुनाव में असली लड़ाई “विकास बनाम भ्रम” की होगी।

संदीप वर्मा की रिपोर्ट