Vikramshila Bridge: 33 दिनों बाद विक्रमशिला सेतु पर लौटी रफ्तार, बेली ब्रिज के उद्घाटन के साथ दौड़ी जिंदगी, लाखों लोगों ने ली राहत की सांस

Vikramshila Bridge: 33 दिनों के लंबे इंतजार, परेशानियों और अनिश्चितता के बाद आखिरकार विक्रमशिला सेतु पर जिंदगी फिर से दौड़ पड़ी।

Vikramshila Bridge
33 दिनों बाद विक्रमशिला सेतु पर लौटी रफ्तार- फोटो : reporter

Vikramshila Bridge: 33 दिनों के लंबे इंतजार, परेशानियों और अनिश्चितता के बाद आखिरकार विक्रमशिला सेतु पर जिंदगी फिर से दौड़ पड़ी। 3 मई की रात से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पुल पर तैयार किए गए बेली ब्रिज का उद्घाटन बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने फीता काटकर और नारियल फोड़कर किया। उद्घाटन के साथ ही छोटे वाहनों के लिए सेतु को खोल दिया गया, जिससे अंग, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है।

उद्घाटन समारोह में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जैसे ही पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, लोगों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ दिखाई देने लगी।

Diarch GO

पिछले एक महीने से अधिक समय तक सेतु बंद रहने के कारण लोगों को लंबी दूरी तय कर वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे समय, धन और श्रम तीनों की भारी बर्बादी हो रही थी। अब पुल खुलने के बाद क्षेत्र के व्यापार, परिवहन और दैनिक जीवन को नई गति मिलने की उम्मीद है।समारोह के दौरान बेली ब्रिज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अभियंताओं, अधिकारियों और श्रमिकों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सीमा सड़क संगठन की टीम ने दिन-रात मेहनत कर महज 16 से 20 दिनों के भीतर इस जटिल कार्य को पूरा कर दिया। उन्होंने इसे इंजीनियरिंग दक्षता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन और बीआरओ की टीम लगातार समन्वय बनाकर काम करती रही। उन्होंने बताया कि पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी क्रेन और रोलर से सफल परीक्षण किया गया, जिसके बाद ही इसे जनता के लिए खोला गया है।

NSIT
Nsmch

हालांकि फिलहाल सेतु पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार पुल की नियमित निगरानी और दैनिक रखरखाव भी किया जाएगा ताकि आवागमन पूरी तरह सुरक्षित बना रहे।विक्रमशिला सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि भागलपुर, कोसी और सीमांचल के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क की जीवनरेखा है। 33 दिनों बाद जब इस जीवनरेखा पर फिर से वाहनों के पहिए घूमे, तो यह केवल यातायात बहाली नहीं बल्कि लाखों लोगों के लिए राहत, विश्वास और उम्मीद की वापसी का प्रतीक बन गया। रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ यह बेली ब्रिज इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इच्छाशक्ति, आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय से किसी भी बड़ी चुनौती का समय रहते समाधान निकाला जा सकता है।

रिपोर्ट - अंजनी कुमार कश्यप