स्मार्ट सिटी का 'गंदा' सच: बाजार में शौचालय तक नहीं, , पीएमओ ने मुख्य सचिव को किया तलब, कार्रवाई से हिली बिहार सरकार

भागलपुर के मुख्य बाजार में सार्वजनिक शौचालयों की कमी पर पीएमओ ने बिहार सरकार से जवाब मांगा है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद अब प्रशासन में हलचल तेज हो गई है।

स्मार्ट सिटी का 'गंदा' सच: बाजार में शौचालय तक नहीं, , पीएमओ

Bhagalpur - स्मार्ट सिटी भागलपुर के मुख्य बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की अनुपलब्धता का मुद्दा अब दिल्ली तक गूंज रहा है। ईस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कड़ा संज्ञान लिया है। पीएमओ ने 6 जनवरी 2026 को बिहार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में विस्तृत जवाब तलब किया है।

स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर उठ रहे सवाल

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याचिकाकर्ता पुनीत चौधरी ने बताया कि शहरी क्षेत्र और मुख्य बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में, जहाँ हजारों लोगों का रोज आना-जाना होता है, वहाँ एक भी सार्वजनिक शौचालय न होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय नगर निगम और प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस पहल न होने के कारण अंततः उन्हें पीएमओ का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

भाजपा विधायक ने दिया समाधान का भरोसा

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इस पूरे प्रकरण पर भागलपुर के भाजपा विधायक रोहित पांडेय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक सकारात्मक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि आम जनता का अपनी बुनियादी समस्याओं के प्रति जागरूक होना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही नगर आयुक्त और प्रशासन के साथ बैठक कर उपयुक्त स्थलों को चिह्नित करेंगे ताकि जल्द से जल्द सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण शुरू हो सके।

नगर निगम और प्रशासन की कार्यशैली पर नजर

वीडियो साक्ष्य और आधिकारिक पत्राचार से स्पष्ट है कि भागलपुर के लोग स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को लेकर अब काफी मुखर हो रहे हैं। सामाजिक और व्यवसायिक संगठनों द्वारा लगातार पत्राचार किए जाने के बाद अब नगर निगम पर भी दबाव बढ़ गया है। पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन अब इस मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करेगा।

रिपोर्ट - बालमुकुंद कुमार