LATEST NEWS

  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद
  • Bihar Crime:शराब तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, ट्रक के गुप्त तहखाने से 45 लाख की विदेशी शराब बरामद

  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के बाद पंचायत समिति पति हिरासत मे
  • मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के

  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर
  • Bihar Crime: रामनवमी की रात बड़ी चोरी, घर से 46 लाख का माल उड़ाकर फरार हुए चोर

  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे मदद,  मानवीय पहल की लोग कर रहे सराहना
  • Bihar Police: नो एंट्री में पकड़े गए ई-रिक्शा चालक, पर्व के मौके पर थाना प्रभारी ने की ऐसे

  • DM Kumar Gaurav Balances Navratri Duty and Devotion
  • Bihar News:मुजफ्फरपुर में सुरक्षा की कमान भी, मां की भक्ति भी, DM कुमार गौरव ने परिवार संग मां

Bihar Flood: भागलपुर में कोसी का कहर, छतों पर कट रही बाढ़ पीड़ितों की रातें, राहत का इंतजार

Bihar Flood: कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की जिंदगी बेहाल कर दी है। कई दिनों से बाढ़ का पानी घरों में घुसा हुआ है और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।...

Kosi Flood Ravages
कोसी का कहर- फोटो : reporter

Bihar Flood: भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल के रंगरा प्रखंड अंतर्गत मदरोनी गांव में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की जिंदगी बेहाल कर दी है। कई दिनों से बाढ़ का पानी घरों में घुसा हुआ है और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। हालात इतने विकट हो गए हैं कि कई परिवार अपने घरों की छतों को ही सुरक्षित ठिकाना बनाकर दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं। बाढ़ के बीच ग्रामीणों के सामने भोजन, शुद्ध पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

कोसी के पानी ने गांव के निचले इलाकों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। कई घर पानी से घिरे हैं, जबकि कुछ मकानों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। घरों में रखे जरूरी सामान को ग्रामीणों ने ऊंचे स्थानों पर सुरक्षित रखने की कोशिश की है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। सुरक्षित स्थान का अभाव होने के कारण कई परिवार चाहकर भी अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगह नहीं जा पा रहे हैं।

छत बनी सहारा, नीचे चारों तरफ पानी

मदरोनी में बाढ़ अब महज जलजमाव नहीं, बल्कि लोगों के लिए जिंदगी और सुरक्षा का संकट बन चुकी है। घरों के भीतर पानी आने के बाद परिवारों ने छतों पर शरण ले ली है। रात के अंधेरे में चारों तरफ बाढ़ का पानी देखकर लोगों की चिंता और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से वे इस मुसीबत को झेल रहे हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था करना लगातार मुश्किल हो रहा है।बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन से भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयां, पशुचारा और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।

NSIT
Nsmch

सरकारी राहत का इंतजार, बढ़ रही बेचैनी

ग्रामीणों के बीच सरकारी राहत को लेकर बेचैनी बढ़ रही है। लोगों की मांग है कि प्रभावित परिवारों का तत्काल सर्वे कराया जाए और जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही सामुदायिक स्तर पर भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम किया जाए।ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब कई दिनों से बाढ़ का पानी गांव में जमा है तो प्रभावित परिवारों तक पर्याप्त राहत सामग्री कब पहुंचेगी।

समाजसेवी सुजीत कुमार सिंह ने संभाली मदद की कमान

बाढ़ की विकट स्थिति के बीच समाजसेवी सुजीत कुमार सिंह प्रभावित परिवारों की मदद में जुटे हुए हैं। वह जरूरतमंद लोगों तक आवश्यक राहत पहुंचाने और उनकी समस्याओं को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी पहल से कई परिवारों को मुश्किल की इस घड़ी में तत्काल सहारा मिल रहा है।हालांकि, गांव की भयावह स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों का कहना है कि व्यक्तिगत स्तर पर की जा रही मदद पर्याप्त नहीं है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़े पैमाने पर प्रशासनिक राहत और बचाव अभियान की जरूरत है।

बड़ा सवाल—कब मिलेगी राहत?

मदरोनी में कोसी का बढ़ता पानी ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ा रहा है। पानी से घिरे घर, छतों पर गुजरती रातें, भोजन-पेयजल का संकट और सीमित संसाधन बाढ़ की भयावह तस्वीर बयां कर रहे हैं। ऐसे में बाढ़ पीड़ित अब प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि कोसी की बाढ़ में फंसे परिवारों तक पर्याप्त सरकारी राहत और बचाव सुविधा कब पहुंचेगी और मदरोनी के लोगों को इस जलप्रलय से कब निजात मिलेगी।

रिपोर्ट- अंजनी कुमार कश्यप