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Bihar crime : भागलपुर कोर्ट में पति-पत्नी का 'हाई वोल्टेज ड्रामा', साथ ले जाने की जिद पर अड़ा पति, कोर्ट ने कहा— 'पत्नी बालिग है, फैसला उसका'

Bihar crime : भागलपुर कोर्ट में पहुंचे पति पत्नी ने जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा किया. इस दौरान पति पत्नी को अपने घर ले जाने की जिद पर अड़ा रहा.....पढ़िए आगे

Bihar crime : भागलपुर कोर्ट में पति-पत्नी का 'हाई वोल्टेज ड्
पति पत्नी के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर शनिवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब दहेज उत्पीड़न के एक मामले में पेशी के दौरान पति-पत्नी के बीच करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस गहमागहमी के बीच कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि एक बालिग महिला को अपनी मर्जी से रहने का पूरा संवैधानिक अधिकार है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, विवाद वैवाहिक कलह से जुड़ा है। पत्नी ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न (डाउरी एक्ट) के तहत मामला दर्ज करा रखा है। इसी मामले की सुनवाई के लिए दोनों पक्ष कोर्ट पहुँचे थे। कार्यवाही के दौरान पति अचानक अपनी पत्नी को जबरन साथ ले जाने की जिद पर अड़ गया। दोनों पक्षों के बीच कोर्ट परिसर में ही तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे वहां मौजूद अन्य लोगों और वकीलों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी: महिला के अधिकारों को दी प्राथमिकता

मामले की गंभीरता और हंगामे को देखते हुए न्यायाधीश ने स्पष्ट रुख अपनाया। कोर्ट ने कड़े शब्दों में कहा कि पत्नी बालिग (Adult) है और उसे अपने जीवन से जुड़े फैसले स्वयं लेने का पूर्ण अधिकार है। न्यायालय ने आदेशात्मक लहजे में कहा कि वह अपनी मर्जी से जहां और जिसके साथ रहना चाहे, रह सकती है। इस पर न तो पति का और न ही उसके माता-पिता का कोई कानूनी अधिकार बनता है कि वे उसे विवश करें।

न्यायालय परिसर में पुलिस का पहरा

हंगामे की सूचना मिलते ही न्यायालय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी के बाद पति का पक्ष शांत हुआ और सुरक्षा घेरे में महिला को वहां से निकाला गया। हालांकि, दहेज उत्पीड़न से जुड़ा मुख्य मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है और इसकी सुनवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार आगे जारी रहेगी।

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चर्चा का विषय बनी घटना

दिनदहाड़े कोर्ट परिसर में हुए इस ड्रामे को लेकर अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में काफी चर्चा रही। कानूनी जानकारों का कहना है कि कोर्ट की इस टिप्पणी ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और बालिगों के अधिकारों को एक बार फिर रेखांकित किया है। फिलहाल, इस घटना के बाद महिला अपने मायके पक्ष के साथ चली गई है, जबकि पति पक्ष को कोर्ट के आदेश के कारण बैरंग लौटना पड़ा।

बालमुकुन्द की रिपोर्ट