बेतिया और बगहा में एसएसबी द्वारा 'वंदे मातरम्' कार्यक्रम का आयोजन: गूंजा राष्ट्रगीत, छात्रों को दी गई इतिहास की जानकारी

बेतिया और बगहा क्षेत्र में SSB की 21वीं वाहिनी द्वारा 'वंदे मातरम्' कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत विभिन्न देशभक्ति और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर सभी वरिष्ठ अधिकारियों और बल कार्मिकों ने सामूहिक रूप सस्वर गायन किया....

बेतिया और बगहा में एसएसबी द्वारा 'वंदे मातरम्' कार्यक्रम का
एसएसबी द्वारा 'वंदे मातरम्' कार्यक्रम का आयोजन- फोटो : आशीष

Bettiah/Bagha : पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया और बगहा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 21वीं वाहिनी द्वारा 'वंदे मातरम्' कार्यक्रम के तीसरे चरण के तहत विभिन्न देशभक्ति और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यवाहक कमांडेंट सुरेश शर्मा के कुशल निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक प्रबल करना था।


वाहिनी मुख्यालय में गूंजा 'वंदे मातरम्' 

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इस विशेष अभियान के तहत वाहिनी मुख्यालय में सभी वरिष्ठ अधिकारियों और बल कार्मिकों ने सामूहिक रूप से पूर्ण 'वंदे मातरम्' का सस्वर गायन किया। इस गरिमामयी अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और जवानों ने देश के प्रति अपनी अटूट निष्ठा, समर्पण और देशभक्ति की भावना को पूरी दृढ़ता के साथ बनाए रखने का संकल्प लिया।


राजकीय मध्य विद्यालयरामपुर में छात्रों की सहभागिता

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मुख्यालय के अलावा राजकीय मध्य विद्यालय, रामपुर में भी इस कार्यक्रम को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने एसएसबी कर्मियों के साथ मिलकर एक स्वर में 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंगों से सराबोर हो गया।


विद्यार्थियों को बताई गई राष्ट्रगीत की महत्ता

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को हमारे राष्ट्रीय गीत के गौरवशाली इतिहास, उसके महत्व तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इसकी प्रेरणादायी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बच्चों को संबोधित करते हुए उनमें राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को विकसित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।


देशभक्ति और जन-जागरूकता का संदेश

एसएसबी की इस पहल से सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं और बच्चों में देश के प्रति सम्मान की भावना को और बढ़ावा मिला है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच आपसी संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि नई पीढ़ी में देशसेवा की प्रेरणा भी जागृत होती है।

आशीष की रिपोर्ट