बिहार में परमाणु क्रांति, बांका में बनेगा राज्य का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट, ऊर्जा के नक्शे पर चमकेगा सूबा

Bihar Nuclear Power Plant: बिहार को जल्द ही पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट मिलने वाला है....

Bihar Nuclear Leap First Atomic Power Plant in Banka
थर्मल से न्यूक्लियर की ओर बढ़ा बिहार- फोटो : social Media

Bihar Nuclear Power Plant: बिहार अब विकास की एक नई दास्तान लिखने जा रहा है। सूबे को जल्द ही उसका पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट मिलने वाला है, जिसने सियासी गलियारों से लेकर आम अवाम तक में हलचल मचा दी है। बांका जिले के शंभूगंज में बनने वाला यह एटमी बिजलीघर बिहार की तकदीर बदलने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है और अब इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं।

इस मेगा प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) को सौंपी गई है। अगले पांच महीनों के भीतर डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि इसी साल नवंबर में इसका भव्य शिलान्यास कर दिया जाए। शुरुआती दौर में यहां 700 मेगावाट की दो यूनिट्स स्थापित होंगी, जबकि भविष्य में इसकी क्षमता और बढ़ाई जाएगी।

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न्यूक्लियर रिएक्टर को ठंडा रखने के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। इसी वजह से भागलपुर से गंगा का पानी करीब 35 से 50 किलोमीटर लंबी पाइलाइन के जरिए बांका तक पहुंचाया जाएगा। प्लांट के नजदीक एक विशाल जलाशय भी बनाया जाएगा, जहां मानसून के दौरान पानी स्टोर किया जाएगा। गर्मियों में जब जलस्तर घटेगा, तब गंगा से पानी लिफ्ट कर जलाशय तक लाया जाएगा। यानी यह पूरा सिस्टम चौबीसों घंटे रिएक्टर को ठंडा रखने के लिए समर्पित रहेगा।

बिहार में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है और अनुमान है कि इस साल यह आंकड़ा 10 हजार मेगावाट तक पहुंच सकता है। फिलहाल राज्य की निर्भरता कोयला आधारित थर्मल पावर पर ज्यादा है। ऐसे में न्यूक्लियर पावर प्लांट बिहार के लिए ऊर्जा सुरक्षा की नई उम्मीद बनकर उभरेगा। इससे न सिर्फ लगातार और सस्ती बिजली मिलेगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बिहार के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश आएगा और राज्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की तरफ मजबूत कदम बढ़ाएगा। बिहार में यह एटमी शुरुआत आने वाले वक्त में विकास का सबसे बड़ा इंजन साबित हो सकती है।