Bihar Agricultural University:विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर राजनीति! विवादों में घिरे कुलपति, कथित दुरुपयोग पर वीसी को हटाने की मांग

Bihar Agricultural University: विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल कथित तौर पर राजनीतिक प्रचार के लिए किया।...

BAU प्रशासन पर सवालों की बौछार
BAU प्रशासन पर सवालों की बौछार- फोटो : reporter

Bihar Agricultural University: एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल कथित तौर पर राजनीतिक प्रचार के लिए किया। मामले की शिकायत राज्यपाल सह कुलाधिपति को ई-मेल के जरिए भेजी गई है, जिसमें पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता समरेश कुमार ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि कुलपति ने निजी स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर एक विशेष राजनीतिक दल और कुछ नेताओं के समर्थन में पोस्ट साझा करवाए। उनका कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के सरकारी मंच का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा फैलाने के लिए नहीं किया जा सकता।

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शिकायत में बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 (संशोधित) का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी सरकारी अधिकारी सरकारी संसाधनों या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग राजनीतिक दलों के प्रचार-प्रसार या निजी हितों के लिए नहीं कर सकता।

मामला केवल राजनीतिक पोस्ट तक सीमित नहीं है। शिकायतकर्ता ने कुलपति के कार्यकाल के दौरान नियुक्तियों, छात्र नामांकन, निविदा प्रक्रिया और पदोन्नति में भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि कई मामलों में नियमों की अनदेखी की गई और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

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शिकायतकर्ता ने राजभवन से यह भी मांग की है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कुलपति डॉ. दुनिया राम सिंह को जांच पूरी होने तक पद से अलग रखा जाए। उनका तर्क है कि पद पर बने रहने से जांच और साक्ष्यों पर प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें राजभवन के अगले कदम और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

रिपोर्ट- चंद्रशेखर भगत