Bihar Crime : बड़ी वारदात से पहले बांका पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन', तीन शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार, अवैध हथियारों का जखीरा किया बरामद

Bihar Crime : बड़ी वारदात से पहले बांका पुलिस का 'ऑपरेशन क्ल

Banka : बांका पुलिस ने अपनी मुस्तैदी और सटीक खुफिया तंत्र के बल पर जिले में एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जमदाहा ओपी क्षेत्र का निवासी मुन्ना धौर अपने गिरोह के साथ मिलकर किसी गंभीर घटना को अंजाम देने की फिराक में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी बांका के निर्देश पर बेलहर और बौंसी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) के नेतृत्व में एक संयुक्त छापेमारी टीम का गठन किया गया, जिसमें DIU और तकनीकी शाखा के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया।

विशेष टीम ने सबसे पहले जमदाहा थाना क्षेत्र के तेलौधा में दबिश दी, जहाँ से पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी मुन्ना धौर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध देशी कट्टा बरामद किया गया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में मुन्ना ने अपने अन्य साथियों और उनके ठिकानों का खुलासा किया, जिसके बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए बौंसी और बांका थाना क्षेत्रों में अगले चरण की छापेमारी शुरू की।

Diarch GO

मुख्य आरोपी की निशानदेही पर की गई त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने बौंसी थाना क्षेत्र से दो अन्य अपराधियों, अंकित कुमार और प्रकाश यादव उर्फ प्रभास यादव को दबोच लिया। इन आरोपितों के पास से एक अत्याधुनिक देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, ये अपराधी किसी विशेष लक्ष्य को निशाना बनाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया और एक संभावित रक्तपात को टाल दिया।

इस सफल ऑपरेशन में बेलहर SDPO डॉ. रविन्द्र मोहन प्रसाद और बौंसी SDPO इन्द्रजीत बैठा के साथ थानाध्यक्ष पंकज झा, रंतेज भारती और कन्हैया कुमार की अहम भूमिका रही। साथ ही तकनीकी शाखा और DIU की टीम ने अपराधियों के लोकेशन और नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और इनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

NSIT
Nsmch

बांका पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि जिले में अपराधियों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। इस गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साझा करें, ताकि समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण कायम रखा जा सके। 

चंद्रशेखर भगत की रिपोर्ट