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Valmiki Tiger Reserve: 14 दिन बाद जंगल की कैद से आजाद हुई बाघिन, अब यहां होगा नया बसेरा

Valmiki Tiger Reserve: बगहा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा जंगल में पिछले 14 दिनों से चल रहा बाघिन को रेस्क्यू करने का अभियान आखिरकार कामयाब हो गया।

Tigress Rescued
रेस्क्यू हुई बाघिन- फोटो : reporter

Valmiki Tiger Reserve: बगहा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मंगुराहा जंगल में पिछले 14 दिनों से चल रहा बाघिन को रेस्क्यू करने का अभियान आखिरकार मंगलवार को कामयाब हो गया। जंगल में लगातार निगरानी और कई दिनों की मशक्कत के बाद विशेष रेस्क्यू टीम ने जसौली जंगल के कंपार्टमेंट नंबर-70 के पास बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ लिया। इसके साथ ही वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम ने राहत की सांस ली।

बताया गया कि पिछले चार दिनों से बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार अड़चन आ रही थी। जंगल में फिसलन और खराब मौसम के बीच टीम के लिए बाघिन की सही लोकेशन का पता लगाना चुनौती बना हुआ था। सोमवार की रात बाघिन ने एक मवेशी का शिकार किया। इसके बाद मौके पर मिले ताजा पगमार्क ने रेस्क्यू टीम को उसकी मौजूदगी का पुख्ता सुराग दिया।

बाघिन को पकड़ने के लिए करीब 100 लोगों की टीम ने 24 घंटे जंगल में डेरा डालकर निगरानी अभियान चलाया। उसकी हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए ड्रोन और नाइट विजन कैमरों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा हाथियों की मदद से भी जंगल के दुर्गम हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

कई दिनों तक चले इस अभियान में वनकर्मियों और विशेषज्ञों को लगातार सतर्क रहना पड़ा। बाघिन की गतिविधियों, पगमार्क और उसके संभावित ठिकानों का आकलन करने के बाद टीम ने सही वक्त का इंतजार किया। आखिरकार मंगलवार को कंपार्टमेंट नंबर-70 के पास बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया।रेस्क्यू के बाद बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद उसे मंगुराहा कार्यालय लाया गया, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण , पश्चिम बंगाल और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम शामिल रही।

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अब इस बाघिन के लिए नया ठिकाना पश्चिम बंगाल का बक्सा टाइगर रिजर्व होगा। योजना के मुताबिक उसे सड़क मार्ग से पहले गोरखपुर ले जाया जाएगा। वहां से हवाई मार्ग के जरिए बक्सा टाइगर रिजर्व भेजने की तैयारी है।वन विभाग की योजना 2 अक्टूबर को बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व में बसाने की है। यानी 14 दिनों तक जंगल में चले ऑपरेशन के बाद अब बाघिन को एक नए वन क्षेत्र में नया बसेरा मिलेगा। इस सफल रेस्क्यू से वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली है।

रिपोर्ट- नागेंद्र प्रसाद