LATEST NEWS

  • Bhojpur Police
  • Bhojpur Police: मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, चार तस्कर गिरफ्तार

  • Bihar MLC Election
  • Bihar MLC Election: बिहार MLC चुनाव की काउंटिंग पर बवाल! आरोप लगाकर कांग्रेस प्रत्याशी धरने पर बैठे,

  • Anant Singh
  • Bihar Politics: 62 मुकदमों के रिकॉर्ड वाले बाहुबली अनंत सिंह फिर जाएंगे जेल या बरकरार रहेगी जमानत?

  • President Colour Award
  • Bihar Police:बिहार पुलिस को मिलेगा देश का सर्वोच्च पुलिस सम्मान, राष्ट्रपति कलर अवार्ड से होंगे सम्मानित

  • Anant Singh MLA Status
  • Bihar Politics: अनंत सिंह की विधायकी पर लटकी तलवार! JDU की अर्जी पर अब इस दिन तय होगा

सिविल सर्जन पर हमले के विरोध में डॉक्टरों का फूटा गुस्सा, राज्यभर में OPD सेवा का बहिष्कार, मरीज बेहाल,इमरजेंसी सेवा बहाल

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में सेवा चिकित्सकों ने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया।...

Bihar Doctors Boycott OPD Services Over Attack On Civil Surg
राज्यभर में OPD सेवा का बहिष्कार- फोटो : reporter

Bihar Doctors Protest: बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बुधवार को बड़ा संकट खड़ा हो गया। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ  के आह्वान पर राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में सेवा चिकित्सकों ने ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया। अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई हिंसक घटना और कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में डॉक्टरों ने यह कदम उठाया है।ओपीडी सेवा ठप होने का सबसे ज्यादा असर आम मरीजों पर देखने को मिला। आरा सदर अस्पताल और सारण (छपरा) समेत कई जिलों में मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें बिना इलाज के इंतजार करना पड़ा। दूर-दराज से आए मरीज और उनके परिजन परेशान नजर आए।साराम में भी विभिन्न सरकारी अस्पतालों में आज ओपीडी सेवा ठप रखा गया है। वहीं अरवल में सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में गोपालगंज समेत पूरे बिहार के सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों ने सोमवार को ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया। 

आरा में OPD बंद, रजिस्ट्रेशन काउंटर भी ठप

अरवल में सिविल सर्जन के साथ हुई घटना के विरोध में आरा सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी के साथ-साथ मरीजों के लिए पंजीकरण काउंटर भी बंद रखा, जिसके कारण नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका।सुबह से ही अस्पताल पहुंचे मरीज इलाज की उम्मीद में भटकते दिखे। हालांकि गंभीर मरीजों को राहत देने के लिए इमरजेंसी विभाग को चालू रखा गया है, जहां डॉक्टर मौजूद रहकर आपातकालीन मरीजों का इलाज कर रहे हैं।चिकित्सकों का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है। जब तक अरवल की घटना में दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक विरोध जारी रह सकता है।

छपरा में प्रशासन अलर्ट, DM ने दिए निर्देश

वहीं, सारण जिले में भी ओपीडी बहिष्कार को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।डीएम ने अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी नजर रखने को कहा गया है।डीएम के निर्देश की प्रतिलिपि सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।

डॉक्टरों का आरोप- सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ का कहना है कि अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई घटना के बाद चिकित्सकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। संघ का आरोप है कि दोषियों के खिलाफ अब तक प्रभावी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है।संघ के अध्यक्ष डॉ. कैप्टन संजीव कुमार झा और महासचिव डॉ. रोहित कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कई बार मांग उठाई गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।हालांकि संघ ने साफ किया है कि इमरजेंसी और जीवनरक्षक सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। गंभीर मरीजों का इलाज जारी रहेगा, ताकि किसी की जान पर संकट न आए।

NSIT
Nsmch

सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती

डॉक्टरों के ओपीडी बहिष्कार से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। एक तरफ चिकित्सक सुरक्षा और सम्मान की मांग को लेकर आंदोलन पर हैं, वहीं दूसरी ओर मरीजों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।अब निगाहें सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या डॉक्टरों की नाराजगी दूर करने के लिए कोई ठोस पहल होती है या फिर यह विरोध आगे और बड़ा रूप लेता है।

आरा से आशीष कुमार के साथ छपरा से सासाराम से रंजन कुमार, गोपालगंज से नमो नारायण मिश्रा की धर्मेंद्र की रिपोर्ट