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Bihar Revenue Officials Suspended: हड़ताल पर गए कर्मियों पर गिरी गाज, 5 राजस्व कर्मियों को किया गया निलंबित, सियासी टकराव ने पकड़ा तूल

Bihar Revenue Officials Suspended: बिहार की सियासत में एक बार फिर हुकूमत बनाम मुलाज़िम का टकराव खुलकर सामने आ गया है। ...

5 revenue staff suspended amid strike political tensions ris
5 राजस्व कर्मियों को किया गया निलंबित- फोटो : social Media

Bihar Revenue Officials Suspended: बिहार की सियासत में एक बार फिर हुकूमत बनाम मुलाज़िम का टकराव खुलकर सामने आ गया है। भोजपुर में जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच राजस्व कर्मियों को फौरन असर से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब ये कर्मी हड़ताल के तहत सामूहिक अवकाश पर थे, जिससे सरकारी कामकाज पूरी तरहप्रभावित हो रहा था।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम महज अनुशासन कायम करने के लिए नहीं, बल्कि गवर्नेंस की साख बचाने के लिए उठाया गया है। सरकार के मुताबिक, विभागीय फरमानों के बावजूद कर्मचारियों का हड़ताल पर रहना न सिर्फ नियमों की खुली खिलाफवर्ज़ी है, बल्कि अवाम की खिदमत में भी रुकावट पैदा करता है।

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निलंबित कर्मियों में तरारी, बिहिया, चरपोखरी, उदवंतनगर और सदर आरा अंचलों के राजस्व कर्मचारी शामिल हैं। इन पर इल्ज़ाम है कि इन्होंने बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के उसूलों की अनदेखी की और वरीय अफसरों के हुक्म की अवहेलना करते हुए विभागीय कामों में रुकावट डाली।

इस कार्रवाई की जड़ें उस निर्देश में हैं, जो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार की तरफ से जारी किया गया था। विभाग ने साफ कर दिया था कि बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ और संयुक्त संघर्ष मोर्चा की हड़ताल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कामकाज में व्यवधान डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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सियासी नजरिए से देखें तो यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रहा, बल्कि नई हुकूमत के इरादों और उसके जीरो टॉलरेंस रवैये का इम्तिहान बन गया है। इससे पहले भी पूर्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताली कर्मियों को कई बार काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन उसके बावजूद हालात जस के तस बने रहे। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सख्ती हड़ताल खत्म करवा पाएगी, या फिर यह टकराव और गहराकर सियासी संकट का रूप ले लेगा? फिलहाल इतना तय है कि भोजपुर की यह कार्रवाई पूरे बिहार में एक मिसाल बन चुकी है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।