LATEST NEWS

  • Employment in India
  • Employment in India: 2030 तक भारत में 35 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का अनुमान, जानें किन सेक्टरों

  • E20 petrol
  • E20 petrol: E20 पेट्रोल की नई नीति से महंगे हो सकते हैं अंडे और चिकन, जानें वजह

  • Delhi cyber fraud
  • Delhi cyber fraud: दिल्ली में लोन के नाम पर मजदूरों से ठगी का आरोप, 37 बैंक खातों से

  • NDA Candidate
  • NDA Candidate: बिहार MLC चुनाव के बाद जेडीयू में कार्रवाई, पार्टी विरोधी गतिविधियों पर 6 साल का निष्कासन

  • Amazon prime video
  • Amazon prime video: प्राइम वीडियो पर विज्ञापन दिखाना अमेजन को पड़ा महंगा, ग्राहक को देने होंगे 9499

अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट की रोक, BJP सरकार को सख्त आदेश

Abhishek Banerjee
Abhishek Banerjee- फोटो : news4nation

Abhishek Banerjee : कलकत्ता हाईकोर्ट ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला स्थित पार्टी कार्यालय में चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगा दी। कोर्ट ने अगले आदेश तक कार्यालय में किसी भी तरह के आगे के तोड़फोड़ कार्य को रोकने का निर्देश दिया है।

दरअसल, शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने आमतला स्थित टीएमसी सांसद के पार्टी कार्यालय के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया था। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रशासन का दावा था कि भवन का निर्माण कथित तौर पर स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के बिना किया गया था और यह लागू नियमों का उल्लंघन करता है। कार्रवाई के दौरान इमारत के सामने वाले हिस्से को बुलडोजर से गिरा दिया गया।

इस कार्रवाई के बाद डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यदि 2031 के विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदलती है तो भाजपा के पार्टी कार्यालयों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा।

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों में बुलडोजर से की जाने वाली ऐसी कार्रवाई को असंवैधानिक माना गया है, इसके बावजूद उनके लोकसभा क्षेत्र के कार्यालय को ध्वस्त किया गया।

NSIT
Nsmch

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस और भाजपा से जुड़े लोगों ने कार्यालय से लैपटॉप, प्रिंटर, दस्तावेज, टेबल, कुर्सियां और अन्य सामान हटा लिया। अभिषेक बनर्जी ने इसे ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि वर्दी में की गई चोरी बताया। उन्होंने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद कार्रवाई की गई।