LATEST NEWS

  • Munger Fake cigarettes
  • Munger Fake cigarettes: नकली सिगरेट कारोबार पर पुलिस की नजर, मुंगेर के बाकरपुर में छापेमारी

  • Purnia road accident
  • Purnia road accident: पूर्णिया के कप्तान पुल पर हादसा, नदी में गिरी तेज रफ्तार कार, चालक की मौत

  • Sanjay Kumar Singh IAS
  • Sanjay Kumar Singh IAS: IAS संजय कुमार सिंह की बिहार वापसी की तैयारी! सम्राट चौधरी के प्रधान सचिव

  • Bihar News : भोजपुर में दो कट्ठा जमीन के विवाद में 70 वर्षीय बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीटकर हुई हत्या, मुख्य आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • Bihar News : भोजपुर में दो कट्ठा जमीन के विवाद में 70 वर्षीय बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीटकर

  • Bihar News : पटना में खाद्य संरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई होटलों और रेस्टोरेंट में की छापेमारी, एक्सपायरी खाद्य सामग्री जब्त कर किया विनष्ट
  • Bihar News : पटना में खाद्य संरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, कई होटलों और रेस्टोरेंट में की छापेमारी,

अयोध्या राम मंदिर स्वर्ण शिखर का क्यों बदला धर्म ध्वज, जानें अनूठी खासियतें

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या नगरी स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के स्वर्ण शिखर का नवीन धर्म ध्वज केवल बाह्य आवरण का परिवर्तन मात्र नहीं, अपितु सनातन धर्मावलंबियों हेतु अत्यंत आस्था एवं आध्यात्मिक चेतना का विषय है।...

New Sacred Flag Hoisted at Ayodhya Ram Temple Peak
राम मंदिर स्वर्ण शिखर का क्यों बदला धर्म ध्वज- फोटो : social Media

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या नगरी स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के स्वर्ण शिखर पर सावन शुक्ल एकादशी के पुनीत अवसर पर नवीन धर्म ध्वज का विधि-विधानपूर्वक प्रतिष्ठापन संपन्न हुआ। यह अनुष्ठान केवल बाह्य आवरण का परिवर्तन मात्र नहीं, अपितु सनातन धर्मावलंबियों हेतु अत्यंत आस्था एवं आध्यात्मिक चेतना का विषय है।

वैदिक परंपरा एवं शास्त्रीय मान्यताएँ

सनातन संस्कृति में देवालय का शिखर, कलश तथा ध्वज तीनों ही देव-स्वरूप के प्रतीक माने गए हैं। वास्तुशास्त्र एवं आगम शास्त्रों के अनुसार ध्वज मंदिर की ऊर्जा का संवाहक होता है। प्राकृतिक कारणों से ध्वज के रंग में ह्रास अथवा क्षीणता आने पर उसका परिवर्तन अनिवार्य होता है। चैत्र रामनवमी तथा श्रावण एकादशी जैसी पावन तिथियों पर ध्वज परिवर्तन की यह प्राचीन परंपरा अनादि काल से निरंतर प्रवहमान है।

नवीन धर्म ध्वज की विशेषताएँ

रंग एवं दीप्ति: यह ध्वज पूर्णतः देदीप्यमान केसरिया वर्ण का है, जो त्याग, शौर्य एवं सनातन चेतना का प्रतीक है।

दिव्य प्रतीक चिह्न: ध्वज पर प्रभु श्रीराम के सूर्यवंश का प्रतीक 'सूर्यदेव', एकाक्षर ब्रह्म 'ॐ' तथा अयोध्या का प्रामाणिक पौराणिक राजचिह्न 'कोविदार वृक्ष' अत्यंत कलात्मक रूप से अंकित है।

NSIT
Nsmch

आकार एवं सामग्री: त्रिभुजाकार स्वरूप का यह ध्वज लगभग 22 फीट लंबा तथा 11 फीट चौड़ा है, जिसे उच्च गुणवत्ता वाले पैराशूट वस्त्र से निर्मित किया गया है ताकि प्रतिकूल मौसम में भी इसका स्थायित्व बना रहे।

तकनीकी सुदृढ़ता: 191 फीट ऊँचे स्वर्ण शिखर पर इस ध्वज के आरोहण हेतु उसी आधुनिक एवं सुरक्षित यांत्रिक प्रणाली का प्रयोग किया गया है, जो पूर्व में उपयोग की गई थी।

ऐतिहासिक संदर्भ एवं निरंतरता

विदित हो कि 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंदिर के स्वर्ण शिखर पर ऐतिहासिक प्रथम ध्वजारोहण संपन्न हुआ था। तत्पश्चात अप्रैल माह में चैत्र नवरात्र के अवसर पर प्रथम बार ध्वज परिवर्तित किया गया। यद्यपि मंदिर न्यास द्वारा ध्वज परिवर्तन हेतु एक निश्चित समयावधि निर्धारित है, किंतु सावन मास की पावन तिथि तथा विशेष शास्त्रीय मान्यताओं को दृष्टिगत रखते हुए इस बार समयावधि से पूर्व ही यह अनुष्ठान पूर्ण किया गया।स्वर्ण शिखर पर प्रकंपित होता यह नवीन धर्म ध्वज न केवल धर्म की विजय का उद्घोष करता है, अपितु विश्व भर के श्रद्धालुओं में असीम आध्यात्मिक ऊर्जा एवं परम आस्था का संचार कर रहा है।