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शादी की शहनाइयां, 48 घंटे बाद मातम: दूल्हा बने DRDO वैज्ञानिक की 'बंद दरवाजे' के पीछे रहस्यमय मौत!

शादी की खुशियां अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि दूल्हे बने डीआरडीओ के ज्वाइंट डायरेक्टर की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। वह बाथरुम में मृत पाए गए।

शादी की शहनाइयां, 48 घंटे बाद मातम: दूल्हा बने DRDO वैज्ञानि

N4N Desk - देश की सुरक्षा से जुड़े संस्थान DRDO के एक शीर्ष वैज्ञानिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने सबको चौंका दिया है। अभी हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी कि खुशियां मातम में बदल गईं। मैसूर में तैनात संयुक्त निदेशक (Joint Director) आदित्य वर्मा अपनी शादी के महज 48 घंटे बाद राजस्थान के अलवर स्थित अपने घर में मृत पाए गए। 25 नवंबर को ही उनकी शादी हुई थी, लेकिन 27 नवंबर की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

वो खामोश सुबह और बाथरूम का बंद दरवाजा

घटना 27 नवंबर की सुबह की है। परिजनों के मुताबिक, आदित्य सुबह करीब 5:30 बजे बाथरूम गए थे। सामान्य तौर पर उन्हें जल्दी बाहर आ जाना चाहिए था, लेकिन जब घड़ी में 6 बज गए और दरवाजा नहीं खुला, तो उनकी मां को अनहोनी का अहसास हुआ। घबराहट में उन्होंने आदित्य के पिता को बुलाया। जब दरवाजा तोड़कर देखा गया, तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था—आदित्य जमीन पर बेसुध पड़े थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रक्षा अनुसंधान में अहम पद पर थे तैनात

आदित्य वर्मा का करियर उफान पर था। वे मैसूर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की खाद्य अनुसंधान प्रयोगशाला में संयुक्त निदेशक के प्रतिष्ठित पद पर थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने महज दो महीने पहले ही इस विभाग में अपनी सेवाएं देनी शुरू की थीं। एक होनहार वैज्ञानिक का इस तरह चले जाना विभाग और परिवार दोनों के लिए गहरा आघात है।

मौत की वजह अब भी एक पहेली 

आखिर एक युवा और स्वस्थ वैज्ञानिक की अचानक मौत कैसे हो गई? यह सवाल अब भी अनुत्तरित है। अलवर के राजीव गांधी अस्पताल में मेडिकल ज्यूरिस्ट प्रेम सैनी ने बताया कि शुरुआती पोस्टमार्टम से मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। 

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पुलिस और डॉक्टरों की टीम अब 'विसरा रिपोर्ट' का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ पाएगा कि उस बंद दरवाजे के पीछे आखिर क्या हुआ था।