LATEST NEWS

  • Chirag attack on Congress
  • Chirag attack on Congress: भागलपुर में चिराग पासवान का कांग्रेस और विपक्ष पर हमला, SIR और EVM को

  • shahrukh khan mannat
  • shahrukh khan mannat: शाहरुख के मन्नत से जुड़ा अनिल कपूर ने खोला खास राज, बताया कैसे पूरा हुआ

  • Sukesh Chandrashekhar case
  • Sukesh Chandrashekhar case: सुकेश चंद्रशेखर के 200 करोड़ की ठगी मामले में नोरा फतेही को समन, 2

  • winter riding mask
  • winter riding mask: सर्दियों में बाइक चलाते समय ठंडी हवा से बचाएगा विंटर राइडिंग मास्क, जानें कीमत और

  • Munger Railway
  • Munger Railway: मुंगेर के जमालपुर IRIMEE में दो दिवसीय तकनीकी संगोष्ठी शुरू, वंदे भारत ट्रेनसेट पर होगी चर्चा

रेलवे का मास्टरस्ट्रोक! स्टडी लीव पर जाने वालों के लिए खत्म हुई सबसे बड़ी टेंशन, जानें नए आदेश में क्या है खास।

रेलवे बोर्ड ने रेलकर्मियों को बड़ी सौगात दी है। अब 2 साल की स्टडी लीव या ट्रेनिंग पर जाने वाले कर्मचारियों को अपना सरकारी आवास खाली नहीं करना पड़ेगा। सामान्य शुल्क देकर वे अधिकतम 2 साल तक क्वार्टर रख सकेंगे।

रेलवे का मास्टरस्ट्रोक! स्टडी लीव पर जाने वालों के लिए खत्म

Railway Board New Order -रेलवे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अक्सर उच्च शिक्षा या विशेष ट्रेनिंग की इच्छा रखने वाले रेलकर्मियों के सामने सबसे बड़ी बाधा रेलवे आवास खाली करने की होती थी। लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने इस चिंता को जड़ से खत्म कर दिया है। बोर्ड के नए आदेश के अनुसार, अब रेलकर्मी अपनी पढ़ाई या ट्रेनिंग के दौरान बेफिक्र होकर अपने सरकारी आवास में रह सकेंगे।

2 वर्ष तक की स्टडी लीव पर नहीं खाली करना होगा क्वार्टर

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी अपनी उच्च शिक्षा के लिए दो वर्ष तक की लंबी छुट्टी (स्टडी लीव) पर जाता है, तो उसे अपना सरकारी क्वार्टर खाली करने की जरूरत नहीं होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी अपनी पोस्टिंग वाले स्थान पर सामान्य लाइसेंस शुल्क (Normal License Fee) देकर अधिकतम दो वर्ष तक आवास अपने पास रख सकेंगे। यह फैसला उन हजारों रेलकर्मियों के लिए राहत भरा है जो करियर में आगे बढ़ना चाहते थे लेकिन परिवार के आवास की समस्या के कारण हिचकिचाते थे।

ट्रेनिंग और वेटिंग फॉर पोस्टिंग के दौरान भी मिलेगी सुविधा

NSIT
Nsmch

बोर्ड ने अपने दिशा-निर्देशों में यह भी साफ किया है कि किसी भी स्वीकृत प्रशिक्षण (Training) पर जाने वाले कर्मचारी पूरी अवधि तक अपने आवंटित आवास में बने रह सकेंगे। इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी अपनी नई पोस्टिंग के इंतजार (Waiting for Posting) में है, तो भी उसे यह सुविधा प्रदान की जाएगी। सभी प्रकार की आधिकारिक छुट्टियों के दौरान भी उनका आशियाना पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

सभी जोनों में आदेश लागू, हजारों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

कार्यकारी निदेशक (ट्रांसफार्मेशन) प्रणव कुमार मलिक और निदेशक (एस्टेट) नीलम यादव द्वारा 30 मार्च को जारी यह आदेश उत्तर मध्य रेलवे सहित भारतीय रेलवे के सभी जोनों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस क्रांतिकारी बदलाव से अब रेलकर्मी आवास छिनने के डर के बिना अपनी शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।