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दूसरों पर निर्भर नहीं रहना... लाल किले से मोदी का बड़ा संदेश, चिप, बिजली, तेल से लेकर गैस तक आत्मनिर्भरता का पूरा खाका देश के सामने रखा

Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने आत्मनिर्भर भारत का बड़ा खाका पेश किया।...

PM Modi Calls for Self Reliant India Energy and Chip Power
लाल किले से मोदी का आत्मनिर्भरता पर हुंकार- फोटो : social Media

Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने आत्मनिर्भर भारत का बड़ा खाका पेश किया। पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दी। प्रधानमंत्री ने 13वीं बार तिरंगा फहराया, जिसके बाद राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी ने माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। समारोह में तिरंगे की आन-बान और भारत की बढ़ती ताकत का जज्बा साफ दिखाई दिया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ लहजे में कहा कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। देश को अपनी क्षमताएं बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई चीजें जल्दी और सस्ती मिल सकती हैं, लेकिन केवल सस्ता सामान खरीदने से देश की सामर्थ्य तैयार नहीं होती। भारत को अपनी जरूरतों और राष्ट्रीय हितों की हिफाजत खुद करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता मजबूत करनी होगी।

पीएम ने ‘मेक इन इंडिया’, स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ को आत्मनिर्भरता की बुनियाद बताते हुए कहा कि आज देश का मन इन अभियानों से जुड़ रहा है। उनका संदेश साफ था कि भारत को सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि दुनिया का मजबूत उत्पादन केंद्र बनना होगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर घर तिरंगा और हर मन तिरंगा है। भारत उत्साह, उमंग और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और मजबूत संकल्प उन्हें पूरा करने का रास्ता खोलते हैं।

उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का प्रण करता है, तो दुनिया का भारत को देखने का नजरिया भी बदलता है। पीएम ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं और भारत तेज रफ्तार से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।अपने संबोधन में उन्होंने देश की उत्पादन क्षमता का आंकड़ा भी सामने रखा। प्रधानमंत्री के मुताबिक 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन चार गुना, खादी एवं ग्रामोद्योग पांच गुना और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। रेलवे कोच निर्माण 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ने का दावा किया गया। इंटरनेट यूजर्स चार गुना और डिजिटल ट्रांजैक्शन 100 गुना बढ़ने की बात भी पीएम ने कही।

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सेमीकंडक्टर को आत्मनिर्भर भारत की नई ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया चिप के बिना नहीं चल सकती। आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट की चर्चा होती रही, लेकिन उत्पादन शुरू नहीं हो पाया। अब भारत ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से निर्यात भी शुरू हो गया है।ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी प्रधानमंत्री ने बड़ा फोकस रखा। उन्होंने कहा कि नई दुनिया को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी और ऊर्जा सुरक्षा समय की मांग है। सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं और 2047 तक 100 गीगावॉट के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए समुद्र में नए ऊर्जा भंडार तलाशने की योजना का भी जिक्र किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्र के बड़े हिस्से को नो-गो एरिया घोषित कर देने से संभावनाएं सीमित हो गई थीं। अब इन क्षेत्रों को खोलकर समुद्र के भीतर नए भंडार तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने पिछले साल घोषित ‘समुद्र मंथन’ पहल और 85 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान का भी उल्लेख किया। ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्धियां गिनाते हुए पीएम ने कहा कि 2014 से पहले 70 शहरों में पाइप से गैस पहुंचती थी, जबकि अब 700 शहरों में करीब पौने दो करोड़ घरों तक पाइप्ड गैस पहुंचाने का काम शुरू हुआ है। सौर ऊर्जा क्षमता में भी बड़ी छलांग का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले क्षमता करीब 2 गीगावॉट थी, जो अब 160 गीगावॉट तक पहुंच गई है।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लाखों घरों में सोलर एनर्जी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले समय में आम परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि अपनी जरूरत पूरी करने के बाद बिजली बेचकर कमाई भी कर सकेगा। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवाओं की भागीदारी पर भी खास जोर रहा। करीब 2,500 NCC कैडेट और MY Bharat वॉलंटियर्स ने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाई। करीब 5,000 विशेष अतिथि समारोह में शामिल हुए।

सुरक्षा के मोर्चे पर भी लाल किले को अभेद किले में तब्दील किया गया। समारोह में 15 से 20 हजार जवान तैनात रहे और 1,000 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की गई। लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश इस बार सिर्फ आजादी के गौरव तक सीमित नहीं रहा। भाषण का मूल सुर था—भारत अपने संसाधनों, तकनीक, ऊर्जा और उत्पादन क्षमता के दम पर अपने भविष्य की पटकथा खुद लिखे। आत्मनिर्भरता के इस आह्वान में विकसित भारत 2047 का बड़ा सपना भी साफ दिखाई दिया।