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बिहार के सात श्रमिकों की बेंगलुरु के पत्थर खदान में मौत, 18 से ज्यादा श्रमिक घायल

भारी चट्टानों के नीचे दबने के कारण मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सभी सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

Bihar Workers Killed in Bengaluru
Bihar Workers Killed in Bengaluru - फोटो : news4nation

Bihar Workers Killed in Bengaluru  : बेंगलूरू के दक्षिण तालुक स्थित मदापट्टाना की एक पत्थर खदान में बुधवार तड़के हुए भीषण हादसे में बिहार के सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। सभी मजदूर दिहाड़ी पर काम करने के लिए बिहार से बेंगलुरु गए थे।  पुलिस के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब मजदूर खदान में नियमित काम कर रहे थे। इसी दौरान करीब 40 फीट की ऊंचाई से एक विशाल चट्टान अचानक मजदूरों पर आ गिरी। भारी पत्थरों के नीचे दबने से सातों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय वहां करीब 18 मजदूर काम कर रहे थे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा लापरवाही का नतीजा था या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। प्रशासन ने बताया कि मृतक सभी बिहार के रहने वाले थे। उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके गृह राज्य भेजने की तैयारी की जा रही है।  हालांकि शुरुआती तौर पर यह भी दावा किया गया की मृतकों में बिहार, मध्य प्रदेश तथा कर्नाटक के कलबुर्गी और यादगिर जिलों के प्रवासी मजदूर शामिल हैं। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान जारी नहीं की है। पुलिस मृतकों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मृतकों में बिहार के हैं जबकि घायल अन्य राज्यों के हैं। 

राहत-बचाव कार्य जारी 

पुलिस के अनुसार, बुधवार तड़के मजदूर खदान में एक बड़ी चट्टान के नीचे काम कर रहे थे। इसी दौरान खदान के ऊपरी हिस्से से एक विशाल पत्थर को ट्रैक्टर की मदद से हटाया जा रहा था। अचानक पत्थर फिसलकर नीचे आ गिरा और वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। भारी चट्टानों के नीचे दबने के कारण मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और सभी सात लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। फिलहाल शवों को बाहर निकालने का काम जारी है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल एवं आपातकालीन सेवा की मगडी और सुंकदकट्टे फायर स्टेशन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय लोग भी मलबा हटाने और शवों को बाहर निकालने में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।

ठेकेदार से पूछताछ, सुरक्षा मानकों की जांच

पुलिस ने खदान में मजदूरों को काम पर लगाने वाले ठेकेदार को पूछताछ के लिए तलब किया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खदान में सुरक्षा संबंधी सभी अनिवार्य नियमों का पालन किया गया था या नहीं और भारी चट्टानों को हटाने से पहले आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं।

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विधायक बोले- यह महज हादसा नहीं, आपराधिक मामला

स्थानीय विधायक एस. टी. सोमशेखर ने इस घटना को केवल लापरवाही नहीं बल्कि "आपराधिक घटना" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन को जारी रखने में भू-विज्ञान विभाग और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत रही है। सोमशेखर ने कहा कि उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अवैध खनन का मुद्दा उठाया था और इसे बंद कराने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।