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चारा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ी राहत, CBI की याचिका खारिज

Supreme Court  on lalu yadav
Supreme Court on lalu yadav- फोटो : news4nation

Lalu Yadav :  राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने देवघर कोषागार मामले में उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। साथ ही झारखंड हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगाने की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की मांग भी खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लालू यादव को जमानत मिले काफी समय बीत चुका है, इसलिए इस स्तर पर उसमें हस्तक्षेप करने का कोई औचित्य नहीं बनता। हालांकि अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि लालू यादव और अन्य आरोपियों की लंबित अपीलों की सुनवाई में तेजी लाई जाए और कोशिश की जाए कि छह महीने के भीतर फैसला हो जाए।

दरअसल, CBI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में जमानत दी गई थी। जांच एजेंसी ने उनकी जमानत रद्द करने और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की।

चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव को वर्ष 2018 में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी सजा के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जो अब भी लंबित है। अपील पर अंतिम फैसला नहीं आने के कारण वर्ष 2021 में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

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अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि लंबे समय से प्रभावी जमानत को रद्द करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही अदालत ने हाईकोर्ट से कहा है कि लंबित अपीलों का जल्द निपटारा किया जाए, ताकि मामले का अंतिम निर्णय समयबद्ध तरीके से हो सके। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल लालू प्रसाद यादव की जमानत बरकरार रहेगी, जबकि चारा घोटाला मामले में उनकी सजा के खिलाफ दायर अपील पर अंतिम फैसला झारखंड हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद होगा।