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डराने वाला आंकड़ा ! सड़कें बनीं खतरनाक, एक साल में 4.87 लाख हादसे, हर तीन मिनट में एक व्यक्ति की मौत

बिहार में भी सड़क हादसों की संख्या चिंता बढ़ाने वाली है। राज्य परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

road accidents India
road accidents India- फोटो : news4nation

Road Accident in Bihar : देश में सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट "भारत में सड़क दुर्घटनाएं-2024" के अनुसार वर्ष 2024 में देशभर में 4,87,707 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2023 की तुलना में 1.48 प्रतिशत अधिक हैं। इन हादसों में 1,77,175 लोगों की मौत हुई, जबकि 4,71,441 लोग घायल हुए। आंकड़े बताते हैं कि देश में औसतन हर घंटे 56 सड़क हादसे होते हैं और 20 लोगों की जान चली जाती है। यानी भारतीय सड़कों पर लगभग हर तीन मिनट में एक व्यक्ति की मौत हो रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, सड़क हादसों में सबसे अधिक मौतें दोपहिया वाहन चालकों की हुईं। कुल मृतकों में उनकी हिस्सेदारी 46.2 प्रतिशत रही। इसके बाद पैदल यात्रियों की हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत और कार, टैक्सी, वैन तथा अन्य हल्के मोटर वाहनों में सफर करने वालों की हिस्सेदारी 12.4 प्रतिशत रही। वाहन श्रेणी के आधार पर भी दोपहिया वाहन सबसे अधिक घातक साबित हुए।

तमिलनाडु में सबसे अधिक दुर्घटनाएं

राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु में सबसे अधिक 67,526 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 24,118 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 1,50,958 दुर्घटनाएं हुईं, जो कुल दुर्घटनाओं का 31 प्रतिशत हैं। वहीं राज्य राजमार्गों पर 1,03,538 और अन्य सड़कों पर 2,33,211 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। मौतों के मामले में भी राष्ट्रीय राजमार्ग सबसे घातक साबित हुए, जहां 64,772 लोगों ने जान गंवाई।


बिहार की स्थिति भी चिंताजनक

बिहार में भी सड़क हादसों की संख्या चिंता बढ़ाने वाली है। राज्य परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2024 के पहले नौ महीनों में ही सड़क हादसों में करीब 1.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। पटना, रोहतास, मधेपुरा, जहानाबाद और किशनगंज जैसे जिलों में दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार बिहार में 2024 के दौरान लापरवाही से वाहन चलाने के कारण 10 हजार से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई।

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विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरस्पीडिंग, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, हेलमेट और सीट बेल्ट का कम इस्तेमाल तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं। बढ़ते आंकड़े इस बात की ओर संकेत करते हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ आम लोगों को भी गंभीरता से कदम उठाने होंगे।