बिहार का लाल बना ISRO में वैज्ञानिक,पूरे जिले में खुशी की लहर,पटना NIT से पासआउट कर किया कमाल

अब्दुर रहमान ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और एनआईटी के शिक्षकों को दिया है।

बिहार का लाल बना ISRO में वैज्ञानिक,पूरे जिले में खुशी की लह
ISRO में वैज्ञानिक बना बिहार का लाल- फोटो : freepik

Bihar begusarai: बिहार के बेगूसराय जिले के छौड़ाही प्रखंड के छोटे से गांव बखड्डा के अब्दुर रहमान ने अपनी मेहनत और लगन से इतिहास रच दिया है। एनआईटी पटना से पढ़ाई करने वाले अब्दुर रहमान का चयन इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) में जूनियर साइंटिस्ट के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

अब्दुर रहमान के शिक्षा का सफर

अब्दुर रहमान एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता, अलाउद्दीन, किसान हैं, और माता, इब्राना खातून, गृहिणी हैं।उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक स्कूल में ली और उसके बाद छौड़ाही उच्च विद्यालय से मैट्रिक पास किया। उच्च शिक्षा के लिए एपीजे यूनिवर्सिटी, लखनऊ से बीटेक किया और फिर एनआईटी पटना से एमटेक की डिग्री प्राप्त की।

Diarch GO

इसरो तक का सफर

एनआईटी पटना में पढ़ाई के दौरान अब्दुर रहमान को अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि हुई। उन्होंने इस दिशा में मेहनत जारी रखी और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। अब्दुर का चयन इसरो में जूनियर साइंटिस्ट के पद पर हुआ, जिससे उन्होंने अपने सपने को साकार किया।

गांव में जश्न का माहौल

अब्दुर रहमान की इस उपलब्धि से उनके गांव में जश्न का माहौल है।ग्रामीण और पंचायत के लोग, जैसे मुखिया काजल कुमारी, संजय पासवान, और राजेश पासवान ने अब्दुर को शुभकामनाएं दीं। उनकी इस सफलता पर पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है।

NSIT
Nsmch

अब्दुर का संदेश

अब्दुर रहमान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और एनआईटी पटना के शिक्षकों को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है।अब्दुर रहमान की सफलता न केवल उनके परिवार और गांव के लिए, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। यह साबित करता है कि छोटे गांवों से आने वाले छात्र भी मेहनत और समर्पण से ऊंचे मुकाम हासिल कर सकते हैं। अब्दुर की इस उपलब्धि ने युवाओं को प्रेरणा दी है कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।