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Life after Death:एक घंटे तक मृत रही, फिर लौटी जीवन में, पाम की रूहानी यात्रा ने खोल दिए परलोक के रहस्य!, विज्ञान के लिए बनी पहेली

Life after Death: एक घंटे तक ब्रेन डेड रही, यानी मस्तिष्क की मृत्यु परंतु उसकी रूह ने जो कुछ देखा, वो अब भी विज्ञान के लिए एक रहस्य बना हुआ है।...

Life after Death
एक घंटे तक मरने के बाद फिर लौटा जीवन- फोटो : social Media

Life after Death:ज़िंदगी और मौत के दरम्यान एक ऐसा पुल होता है, जिसे इंसान देख तो नहीं सकता, मगर कभी-कभी कुछ रूहें उस तरफ़ झांक आती हैं और लौट कर जो कहती हैं, वो सोच और समझ की हदों को पार कर जाता है।

1991 में अमेरिका की एक महिला पाम रेनॉल्ड्स का नाम अचानक पूरी दुनिया में गूंज उठा। वजह? वह करीब एक घंटे तक ब्रेन डेड रही, यानी मस्तिष्क की मृत्यु परंतु उसकी रूह ने जो कुछ देखा, वो अब भी विज्ञान के लिए एक रहस्य बना हुआ है।

पाम को दुर्लभ ब्रेन एन्यूरिज़्म के इलाज के लिए ऐसी सर्जरी से गुज़रना पड़ा, जिसमें दिल की धड़कन तक रोक दी गई थी हाइपोथर्मिक कार्डियक अरेस्ट। डॉक्टर्स ने उसे मृत जैसा घोषित किया, लेकिन उसी दौरान पाम की आत्मा जैसे किसी दूसरी दुनिया में भटक रही थी।

उसने बयान दिया कि एक तेज, दिव्य नूर उसकी ओर बढ़ रहा था, और फिर अचानक उसने अपने पूर्वजों की रूहों को देखा ...मुस्कुराते, उसका स्वागत करते। वो जगह एक अलौकिक स्वर्ग जैसी थी, जहां वक़्त और दर्द दोनों गायब थे।

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सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पाम ने सर्जरी के दौरान हो रही हर बातचीत, हर औज़ार की हलचल, सब कुछ बेहद स्पष्टता से बयान किया जबकि विज्ञान के अनुसार उस वक़्त उसका दिमाग़ काम ही नहीं कर रहा था।

पाम ने बताया कि वह अपने शरीर से ऊपर उठ चुकी थी, नीचे लेटे हुए खुद को देख रही थी। तभी एक गहरी परछाई आई, जिसने कहा, "वापस जाओ, अभी तुम्हारा वक़्त नहीं हुआ और फिर वो सांस में वापस लौट आई।

क्या यह महज़ मस्तिष्क का भ्रम था? या वाक़ई, मौत के उस पार कोई रूहानी हकीकत है, जो हमारे यक़ीन और तर्क दोनों को चुनौती देती है?

पाम की दास्तान आज भी इंसानियत से यही सवाल पूछ रही है "क्या मौत वाक़ई अंत है? या बस एक और दरवाज़ा?"