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Earthquake News: सुबह सुबह डोली धरती, 12 घंटे में भूकंप का तीसरा झटका, बिहार के किशनगंज में भी कंपन से सहमे लोग

Earthquake News: सुबह सुबह भूकंप के झटके ने लोगों में दहशत का माहौल कायम कर दिया। 12 घंटे में भूकंपा का तीसरा झटका आज सुबह महसूस हुई। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है।

भूकंप
12 घंटे में भूकंप 3 झटके - फोटो : social media

Earthquake News: सुबह सुबह भूकंप के झटके ने लोगों को दहशत में डाल दिया। पिछले 12 घंटे में भूकंप के 3 झटके महसूस हुए हैं। वहीं बिहार के किशनगंज में भी धरती कांपी। जिससे लोग सहम गए। जानकारी मिल रही है कि कई राज्यों में झटके महसूस हुए हैं। दरअसल, मामला पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम का है। जहां गुरुवार को भूकंप के दो झटके महसूस हुए तो वहीं शुक्रवार यानी आज सुबह सुबह भी भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। जानकारी अनुसार तड़के सुबह करीब 4 बजकर 10 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस हुए। 

12 घंटे में तीन बार डोली धरती 

रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इसे संशोधित कर 3.7 भी बताया गया है। इसका केंद्र गंगटोक से लगभग 24 किलोमीटर उत्तर-पूर्व (मंगन जिले के पास) में जमीन से 84 किलोमीटर की गहराई पर था। झटके गंगटोक, मंगन, रंगपो और पश्चिम बंगाल के कलिम्पोंग, दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी जैसे इलाकों में भी महसूस किए गए। फिलहाल किसी भी जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है। हालांकि झटके से लोग सहम गए और घरों से बाहर निकल गए। 

 दो घंटे में 2 बार भूकंप के झटके 

बता दें कि, गुरुवार की सुबह 11:24 बजे भी भूकंप के झटके महसूस हुए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.6 मापी गई, जबकि दोपहर 12:17 बजे 3.5 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों की गहराई जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे बताई गई है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं आज सुबह सुबह लोगों ने तीसरा झटका महसूस किया है। 

कई इलाकों में महसूस हुए झटके

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार पहला भूकंप ग्यालशिंग जिले के यूक्सोम से लगभग 4 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में केंद्रित था। इसके झटके गंगटोक, नामची, मंगन और पेलिंग सहित कई इलाकों में महसूस किए गए। लोग घबराकर घरों, कार्यालयों और स्कूलों से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर लोग डर के मारे सड़कों पर जमा हो गए। दूसरा झटका मंगन जिले में केंद्रित था, जो गंगटोक से लगभग 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। हालांकि इसकी तीव्रता कम थी, लेकिन लगातार दो झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी।

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किशनगंज में भी सहमे लोग 

भूकंप का केंद्र सतह के काफी निकट (10 किमी) होने के कारण इसके झटके पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, बिहार के किशनगंज, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और चीन तक महसूस किए गए। किशनगंज जोन सिक्स में आता है, जिसे भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। स्थानीय प्रशासन पहले से ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।

हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक हलचल

सिक्किम हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर होती रहती है। यही कारण है कि यह इलाका भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील माना जाता है। वर्ष 2011 में सिक्किम में 6.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान गई थी और भारी तबाही हुई थी। उस घटना के बाद राज्य सरकार ने भूकंप-रोधी निर्माण और आपातकालीन तैयारियों पर विशेष जोर दिया है।

प्रशासन अलर्ट मोड में

भूकंप के बाद सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने अलर्ट जारी कर जिलाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। गंगटोक और आसपास के इलाकों में पुलिस एवं आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी भी संभावित नुकसान की तुरंत जानकारी मिल सके। स्थानीय निवासियों के अनुसार पहले झटके के दौरान कई लोग दफ्तरों और स्कूलों से बाहर निकल आए और एहतियातन खुले स्थानों पर खड़े रहे। सोशल मीडिया पर भी लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और आफ्टरशॉक्स की आशंका जता रहे हैं।