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उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित, 25 नवंबर को बद्रीनाथ धाम में होगा समापन

उत्तराखंड में मई के पहले सप्ताह में शुरू हुई चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। विजयादशमी के अवसर पर, पंचांग गणना के आधार पर शीतकाल के लिए प्रमुख धामों के कपाट बंद होने की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित,
चारधाम यात्रा के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित, 25 नवंबर को बद्रीनाथ धाम में होगा समापन- फोटो : NEWS 4 NATION

N4N डेस्क: उत्तराखंड में मई के पहले सप्ताह में शुरू हुई चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। विजयादशमी के अवसर पर, पंचांग गणना के आधार पर शीतकाल के लिए प्रमुख धामों के कपाट बंद होने की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं: 

पंचांग गणना से तय हुई तिथि

हर साल चारधाम यात्रा विधि-विधान से ही शुरू होती है और उसी अनुरूप समाप्त भी होती है. अब यात्रा अपने अंतिम चरण में हैं, जिसमें बद्रीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

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बता दें कि शाम को 2:56 पर बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे 21 नवंबर से पांच पूजाएं शुरू होंगी. वहीं द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर के कपाट 18 नवंबर को बंद किए जाएंगे. विजयदशमी के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिरुखी मठ में पंचांग गणना के अनुसार तिथि निश्चित की गई है. अब दोबरा से मंदिर के कपाट विधि विधान से अगले वर्ष ही खोले जाएंगे. यात्रियों के लिए तब तक कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे.

यात्रा का लेखा-जोखा

इस वर्ष, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचे। अधिकारियों का मानना है कि यदि जून मध्य, जुलाई और अगस्त में आई प्राकृतिक आपदाओं (भारी बारिश और भूस्खलन) ने बाधा न डाली होती, तो यह संख्या रिकॉर्ड तोड़ सकती थी।

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उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए थे, जिनमें पंजीकरण अनिवार्यता (ऑनलाइन/ऑफलाइन), हेल्पलाइन, और NDRF/SDRF की टीमों की तैनाती शामिल थी, जिससे यात्रा अपेक्षाकृत सुगम बनी रही। सभी धामों के कपाट विधि-विधान से बंद होने के बाद अब ये अगले वर्ष ही श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले जाएँगे।