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UP NEWS: बिजली कंपनियों के निजीकरण के विरोध में लगातार तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन

UP NEWS: बिजली कंपनियों के निजीकरण के विरोध में लगातार तीसरे

लखनऊ: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने लगातार तीसरे दिन काली पट्टी बांधकर निजीकरण का विरोध किया।  प्रदेश में बिजली दर तय करने की नई नियमावली का मसौदा उत्तर प्रदेश विद्युत आयोग ने तैयार किया है जिसे जल्द जारी किए जाने की सूचना है मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन-2025 के इस मसौदे में मानक के आधार पर ही सभी बिजली कंपनियों की बिजली दरें तय की जाएगी। विद्युत आयोग में एक प्रस्ताव दाखिल कर उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि दबाव में बिजली तरह तय करने के नियम कानून में कोई बदलाव नहीं किया जाए। 

बता दे इस पूरे मामले में संघर्ष समिति ने कहा है कि भारत सरकार ने निजीकरण के लिए बिडिंग डॉक्यूमेंट की अनुमति दी ही नहीं है तो कि डॉक्यूमेंट के आधार पर निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है आंदोलन बिजली कर्मी किसी भी स्थिति में निजीकरण स्वीकार नहीं करेंगे। वहीं राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने भी गुरुवार को लखनऊ सहित प्रदेश के सभी 75 जिलों में काला फीता बांधकर कार्य किया।

इस पूरे मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि बिजली दरें तय करने के मौजूदा कानून में बदलाव को लेकर पावर कार्पोरेशन प्रबंध ऊर्जा मंत्रालय व निजी औद्योगिक घराने सक्रिय हैं आशंका जताई है कि मसौदे में ऐसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित की जा सकती हैं जिससे बिजली कंपनियों के निजीकरण के साथ ही निजी घराने के दरों में बेतहाशा वृद्धि करने का अधिकार मिल जाए।