LATEST NEWS

  • माँ अंबिका भवानी
  • Sharad Navratri 2026: आमी के सिद्धपीठ में माँ अंबिका भवानी के दरबार में उमड़ा जनसैलाब, अलौकिक शृंगार ,

  • Today Horoscope
  • Today Horoscope: मेष को भाग्य का साथ, तुला का बढ़ेगा आत्मविश्वास, परिवार, करियर और रिश्तों के मामले में

  • Today Panchang
  • Today Panchang: 18 अक्टूबर को कब से शुरू होगी अष्टमी तिथि? जानें शुभ समय

  • Bihar Weather
  • Bihar Weather: बिहार में दुर्गा पूजा के दौरान सुबह गुलाबी ठंड, दोपहर में तपिश, जानें कब बदलेगा मिजाज

  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर सेवा से ईको-टूरिज्म को लगेंगे पंख
  • Bihar News : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए फिर से खुला, नए पैकेज, हाथी सफारी और हेलीकॉप्टर

छोटे से नरकटियागंज में पटना से भी ज्यादा चुकाना पड़ता है पार्किंग शुल्क, नगर परिषद के ठेकेदार हो रहे मालामाल, कोई रोक-टोक नहीं

छोटे से नरकटियागंज में पटना से भी ज्यादा चुकाना पड़ता है पार

BETIA : नरकटियागंज नगर परिषद में अब गुंडागर्दी का लाइसेंस भी मिलने लगा है। यहां पार्किंग शुल्क के नाम पर मिले इस लाइसेंस पर नगर परिषद में आने वाले वाहनो से मनमाने ढंग से रुपये वसूली की हो रही है। यह बेईमानी का खेल भी बड़ी ईमानदारी से खेला जा रहा है। यहां बाकायदा नगर परिषद की जारी पर्ची भी देंगे और अगर पैसे देने से इन्कार कर दिया तो वसूली करने वाले मारपीट भी कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि आकाओं के संरक्षण में यह खेल चल रहा है। जिसके कारणशहर में आने जाने वाले वाहनों क्षेत्र के अंदर खड़े व दौड़ रहे वाहनों पर जबरन शुल्क थोपा जा रहा है। 

सबसे ज्यादा पार्किंग शुल्क

बताया गया कि लंबे समय से वसूली का यह खेल नगर परिषद के आकाओं के संरक्षण में खेला जा रहा है। कोई गाड़ी खड़ी दिखी तो उसका नगर परिषद की पर्ची काट कर वसूली शुरू हो गई। 90 रुपये की पर्ची के बजाय 300 और 500 रुपये के हिसाब से रोजाना शुल्क वसूला जा रहा है। खास बात यह है कि यह सब खेल नगर परिषद की छपी पर्ची से हो रहा है। नगर परिषद के नाम पर छपी इन पर्चियों का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से वसूली चल रही है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि पार्किंग शुल्क के रूप में इससे ज्यादा पूरे बिहार में कहीं वसूली नहीं की जाती है।

इन क्षेत्र में खासे सक्रिय

 आमतौर पर यह वसूली नगर के इंट्री और एग्जिट क्षेत्र के  बाजार में चल रहीं हैं। हैरानी की बात ये भी हैं की टेंडर के छः माह बाद भी चौक चौराहा पर वसूली का कोई मूल्य तालिका नही लगाया हैं। आलम यह है कि जो भी पर्ची कटाने से इंकार करता है। उस पर दबाव बनाया जाता है और सुविधा शुल्क न देने पर मारपीट भी हो जाती है।