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राजस्व विभाग के प्रभार में रहने पर आलोक मेहता मंत्री के किये गए ट्रांसफर-पोस्टिंग पर क्यों लगी थी रोक, मुख्यमंत्री करे सार्वजनिक : विजय कुमार सिन्हा

राजस्व विभाग के प्रभार में रहने पर आलोक मेहता मंत्री  के किय

PATNA : बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार में राजद के मंत्रियों द्वारा की जा रही लूट पर निशाना साधते हुए पूछा है कि जब नए शिक्षा मंत्री श्री आलोक मेहता राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रभार में थे तब जून 23 में उनके द्वारा ट्रांसफर पोस्टिंग किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने क्यों रोक लगा दी थी? मुख्यमंत्री को इसे सार्वजनिक करना चाहिए। 

श्री सिन्हा ने कहा कि पदाधिकारी के कहने पर शिक्षा मंत्री को हटाना सम्पूर्ण विधायिका का अपमान है। चंद्रशेखर जी को गन्ना उद्योग का प्रभार नहीं लेकर इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि जब चंद्रशेखर शिक्षा मंत्री के रूप में उनकी नजर में सक्षम नहीं थे तो गन्ना उद्योग विभाग में वे कैसे सक्षम होंगे?

श्री सिन्हा ने राजद के मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों में की जा रही लूट पर निशाना साधते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री के जिम्मे विभागों की हालत ख़राब है। ग्रामीण कार्य, पथ निर्माण, स्वास्थ्य एवं नगर विकास विभाग द्वारा किए जा रहे आवंटनों में कमीशन की राशि फिक्स है। संवेदक द्वारा कनीय अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यपालक अभियंता और मुख्य अभियंता की हिस्सेदारी को समेकित कर एक ही बार बाँट दिया जाता है। प्रत्येक प्रमंडल और जोन को आवंटन प्राप्त करने से पूर्व मुख्यालय में कमीशन देना पड़ता है। प्रभारी मंत्री का हिस्सा भी तय रहता है। 

श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार बड़े भाई और छोटे भाई से बदलाव चाहता है। 34 वर्षों से इनके शासन में बिहार की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो गई। शासन-प्रशासन भ्रष्टाचार का वाहक बन कर रह गया है। कानून व्यवस्था लचर हो गई है। राज्य में गुंडाराज का बोलबाला हो गया। दर्जनों बैंक डकैती हो रही है। हत्या, लूट, बलात्कार एवं अपराध  रोकने में पुलिस फेल हो गई। 

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श्री सिन्हा ने कहा कि धर्म से जुड़ने पर शासन अनुशासित होता है। नैतिक, मानवीय, सामाजिक एवं सहयोग जन्य मूल्यों का विकास होता है। सद्भाव और समभाव शासन के दो आँख होते हैं। अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा से देश में रामराज्य की पुनर्स्थापना  का दौर शुरू हो चुका है। इस युगांतकारी परिवर्तन के कारण भारत को विश्वगुरु बन्ने से कोई रोक नहीं सकता है।